Logo
ब्रेकिंग
CCCTS पदोन्नति सूची पर बड़ा बखेड़ा: कार्यालयों के 19 बाबुओं को बनाया TTE, नियमों की अनदेखी और चहेतों क... रेलवे के सर्कुलेटिंग एरिया में संकट....पार्किंग व्यवस्था बेपटरी, आरपीएफ वाहनों के पहियों में जड़ रही... इस बेटी ने किया क़माल, दादाजी का सपना पूरा.... गांव रणायरा की रुचिका भट्ट अब बनेंगी डॉक्टर गरीब रथ एक्सप्रेस में टीटीई से मारपीट मामला: डीआरएम व सीनियर डीसीएम से मिले एमएस पदाधिकारी, बोले- का... CCCTS पदोन्नति: चयन प्रक्रिया से लेकर अंतिम सूची तक गड़बड़झाला....सूची में बरती गई भारी अनियमितताएं: प... सेवापथ के सेवा प्रकल्पों का पुरस्कार.... राम काज के पर्याय बने राम व पत्नी अनुराधा दिल्ली में सम्मान... भव्य संगीत कार्यक्रम ‘आलाप-02’ के पोस्टर का विमोचन.... 10 जनवरी 2027 को रतलाम में सजेगी सुरों की महफ... रेल कर्मचारी के हितों पर हुआ मंथन.... रतलाम में PRKP का 24वाँ जोनल अधिवेशन, शैलेष म्हात्रे बने जोनल ... रतलाम रेल मंडल में एक बार फिर हादसा: मंदसौर स्टेशन पर पटरी से उतरी टावर वैगन, रेल यातायात प्रभावित प्राचेती गेरा का बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन, वेस्ट जोन प्रतियोगिता के लिए चयन, गुजरात के आनंद में ...

87.87 प्रतिशत….मान्यता के चुनाव में तीन दिवसीय मतदान की प्रक्रिया खत्म, अब नतीजों का इंतजार

-शुक्रवार को रनिंग कर्मचारी ने रेलवे स्टेशन बूथ पर किया मतदान।

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे ट्रेड यूनियन की मान्यता के लिए सीक्रेट बैलेट चुनाव में शुक्रवार को रनिंग कर्मचारियों ने रेलवे स्टेशन पर बने पोलिंग बूथ पर मतदान किया। इस दौरान संगठनों के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी दिनभर रेलवे स्टेशन पर डटे रहे।
मतदान की तीन दिवसीय प्रकिया के बाद अब सभी को 12 दिसंबर परिणाम आने का इंतजार है। हालांकि मतदान के बीच कर्मचारियों के पास जोनल स्तर से एक्ज़िट पोल की तर्ज पर रुझान आने शुरू हो गए थे। ऐसे में परिणाम के पहले ही खुशी व मायूसी का माहौल भी देखने में आया।

बता दें कि मान्यता के चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ, वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन व पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद ने कमर कस ली थी। भले ही ट्रेड यूनियन की मान्यता में सालों से शामिल रहे दोनों प्रमुख संगठनों के कार्यकर्ताओं व प्रमुख पदाधिकारी अपनी अपनी जीत के प्रति आशान्वित रहे है। लेकिन परिषद पदाधिकारियों की तूफानी सक्रियता के चलते दोनों संगठनों में आंतरिक रूप से आशंकित माहौल भी बना रहा।

रेलमंत्री की रही खासी दिलचस्पी

इधर, सभी संगठन चुनाव पूर्व से अपने स्तर पर जनसंपर्क व तैयारियों में जुटे रहे। इस बीच ऑल इंडिया ट्रैक मेंटेनर यूनियन को कोर्ट आदेश ने चुनावी दौड़ से बाहर कर दिया। तब दोनों प्रमुख संगठनों में इसलिए राहत मिली थी कि ट्रैकमैन कैटिगरी के वोटर्स अब उनकी झोला में आना तय है। मगर एन वक्त पर ट्रैक मेंटेनर यूनियन द्वारा परिषद को समर्थन दे दिए जाने से संगठनों का पूर्व का तनाव फिर से बढ़ गया।
दूसरी ओर बताया यह भी जा रहा कि इस चुनाव में परिषद को लेकर रेल मंत्री अश्विन वैष्णव की भी खासी दिलचस्पी रही है। हालांकि मतदान की प्रकिया प्रशासनिक तरीके से निष्पक्षता से पूरी की गई। बावजूद संबंधित अधिकारियों पर मानसिक दबाव जरूर बना रहा।

एक्जिट पोल में परिषद का भी पलड़ा भारी

दो दिन मतदान के बाद तीसरे दिन दोपहर बाद से जोन स्तर पर कथित एक्ज़िट पोल कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर दिखाई देने लगे। इसमें इंडियन रेलवे के कुछ जोन में परिषद का पलड़ा भारी बताया गया। कुछ में तीसरे नंबर पर दिखाई दिया। वहीं कुछ जोन के वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ की बढ़त की बातें हुई। लेकिन एम्प्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों का कहना रहा कि यूनियन बड़ा संगठन है। कर्मचारी हित व सुविधाओं के निदान का लंबा इतिहास रहा है। ऐसे में यूनियन को मान्यता के दायरे में आने से कोई रोक नहीं सकता।

दिव्यांग सहायक लोको पायलट मतदान के लिए पहुंचा

 

मतदान के आखिरी दिन रेलवे स्टेशन पर खासी हलचल रही। यूनियन के मंडल मंत्री मनोहर सिंह बारठ, मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह सोलंकी, मजदूर संघ मंडल मंत्री अभिलाष नागर तथा मंडल अध्यक्ष प्रताप गिरी, परिषद के जोनल संगठन मंत्री शिवलहरी शर्मा के अलावा संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। रनिंग कर्मचारी बारी-बारी से बूथ पर आते-जाते रहे। वहीं ड्यूटी खत्म होने के बाद कुछ कर्मचारी लॉबी से सीधे मतदान स्थल पहुंचे। इस बीच दिव्यांग सहायक लोको पायलट शेरसिंह मीणा भी मतदान के लिए स्टेशन पहुंचे। इसे रिटायर्ड गार्ड चंपालाल गडवानी, दीपक गुप्ता व वाजिद खान ने बूथ तक ले जाने के सहायता की।

Leave A Reply

Your email address will not be published.