सेवापथ के सेवा प्रकल्पों का पुरस्कार…. राम काज के पर्याय बने राम व पत्नी अनुराधा दिल्ली में सम्मानित
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम शहर की सामाजिक संस्था ”सेवापथ” की सेवा कार्यों के चलते रतलाम मूल से जुड़े और दिल्ली रेलवे बोर्ड में कार्यरत राम प्रजापति तथा इनकी पत्नी अनुराधा प्रजापति को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम गत दिवस दिल्ली में विश्व मानव अधिकार अनुसंधान परिषद World Human Rights Research Counicil (WHRRC) द्वारा किया गया।
दिल्ली राज्य सरकार की महिला और बाल विकास मंत्रालय की सचिव के हाथों यह पुरस्कार दिया गया।इस मौके पर गणमान्य नागरिकों के अलावा अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम में संस्था के संस्थापक राम प्रजापति और उनकी पत्नी श्रीमती अनुराधा प्रजापति ने मेडल प्राप्त किया ।

न्यूज़ जंक्शन को दिए एक साक्षात्कार में श्री राम प्रजापति ने बताया कि वर्ष 2000 में ”सेवापथ” की शुरुआत की गई थी। इसके बाद साल दर साल कई सेवा प्रकल्प से लोगों को लाभान्वित किया। इससे प्रेरित होकर लोग भी जुड़ते गए। दिल्ली में मिला सम्मान सेवा प्रकल्पों का यह एक महत्वपूर्ण पल है। जो आप सभी के साथ मिलकर दिन पर दिन, भले ही धीरे ही सही, अपने संतोषजनक मानव मूल्यों पर आगे बड़ रहा है।
हमे गर्व है कि सेवापथ के मिशन में जो साथी आज हमारे साथ है। जो, अपने स्वयं के सरकारी और गैर शासकीय और पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए विशुद्ध रूप से मानव सेवा में अनवरत लगे हुए है। इन अतुलनीय प्रतिभाओं से किसी मुकाम पर हम सब व्यक्तिगत रूप से मिलकर लाभान्वित होंगे। बल्कि दूसरों को भी लाभान्वित करेंगे। प्रजापति का मानना है कि सेवा शब्द अपने आप में बहुउदेशीय और बहुआयामी है। जिसे किसी एक रूप मे व्यक्त और देखा नही जा सकता है।
हम हमारे सेवा पथ के सभी साथी और भारत भूमि पर सेवा प्रकल्पों के सूत्रधार। जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मानव अधिकारों को सेवा प्रकल्प के माध्यम से संरक्षित और मजबूत बनाए रखने का अनवरत कार्य जहाँ है वही कर रहे है। ऐसे सभी साधकों को हृदय से अनेकों साधुवाद है।
