Logo
ब्रेकिंग
रतलाम मंडल में ‘स्टोर्स एंड वेंडर मीट–2026’ का आयोजन, लगभग 120 विक्रेताओं ने लिया भाग 36 साल चुनौतियों के सिर चढ़कर बोली दिव्यांगता....अक्षमता को मात दे रेल सेवा करते रहे मुकेश तिवारी, रे... रतलाम मालगोदाम में विजिलेंस जांच से हड़कंप: डेम्बरेज-व्हार्फेज में गड़बड़ी की आशंका, कर्मचारियों पर ... रतलाम रेल मंडल में मान्यता प्राप्त यूनियनों की सदस्यता पर जंग: WRMS और WREU दोनों का नंबर वन होने का... 8लेन की सड़क बनी ओपन डीज़ल प्लांट.... दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बायोडीजल से भरा टैंकर पलटा, चालक घाय... तबादलों के खेल में फुटबॉल बने कर्मचारी?.... रतलाम DRM ऑफिस का कार्मिक विभाग सुर्खियों में, गोपनीय शा... एमजे रेल रोड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर एवं हम-लोग संस्था के अध्यक्ष सुभाष जैन को मिला रतलाम गौरव... लीकेज से मिली राहत: सीआईजी के निरीक्षण के बाद 50 से अधिक क्वार्टरों में शेड लगाने का काम शुरू केबिन की कहानी का ऐसा अंत, "झगड़ा झूठा, कब्जा सच्चा", बाबा सोमनाथ का ऐसा महाराष्ट्र प्रेम...चंदा उगा... राहत मिली लेकिन उलझन बरकरार....इंदौर रेलवे हॉस्टल बंद करने के आदेश पर कर्मचारी नेताओं के साथ DRM से ...

87.87 प्रतिशत….मान्यता के चुनाव में तीन दिवसीय मतदान की प्रक्रिया खत्म, अब नतीजों का इंतजार

-शुक्रवार को रनिंग कर्मचारी ने रेलवे स्टेशन बूथ पर किया मतदान।

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे ट्रेड यूनियन की मान्यता के लिए सीक्रेट बैलेट चुनाव में शुक्रवार को रनिंग कर्मचारियों ने रेलवे स्टेशन पर बने पोलिंग बूथ पर मतदान किया। इस दौरान संगठनों के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी दिनभर रेलवे स्टेशन पर डटे रहे।
मतदान की तीन दिवसीय प्रकिया के बाद अब सभी को 12 दिसंबर परिणाम आने का इंतजार है। हालांकि मतदान के बीच कर्मचारियों के पास जोनल स्तर से एक्ज़िट पोल की तर्ज पर रुझान आने शुरू हो गए थे। ऐसे में परिणाम के पहले ही खुशी व मायूसी का माहौल भी देखने में आया।

बता दें कि मान्यता के चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ, वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन व पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद ने कमर कस ली थी। भले ही ट्रेड यूनियन की मान्यता में सालों से शामिल रहे दोनों प्रमुख संगठनों के कार्यकर्ताओं व प्रमुख पदाधिकारी अपनी अपनी जीत के प्रति आशान्वित रहे है। लेकिन परिषद पदाधिकारियों की तूफानी सक्रियता के चलते दोनों संगठनों में आंतरिक रूप से आशंकित माहौल भी बना रहा।

रेलमंत्री की रही खासी दिलचस्पी

इधर, सभी संगठन चुनाव पूर्व से अपने स्तर पर जनसंपर्क व तैयारियों में जुटे रहे। इस बीच ऑल इंडिया ट्रैक मेंटेनर यूनियन को कोर्ट आदेश ने चुनावी दौड़ से बाहर कर दिया। तब दोनों प्रमुख संगठनों में इसलिए राहत मिली थी कि ट्रैकमैन कैटिगरी के वोटर्स अब उनकी झोला में आना तय है। मगर एन वक्त पर ट्रैक मेंटेनर यूनियन द्वारा परिषद को समर्थन दे दिए जाने से संगठनों का पूर्व का तनाव फिर से बढ़ गया।
दूसरी ओर बताया यह भी जा रहा कि इस चुनाव में परिषद को लेकर रेल मंत्री अश्विन वैष्णव की भी खासी दिलचस्पी रही है। हालांकि मतदान की प्रकिया प्रशासनिक तरीके से निष्पक्षता से पूरी की गई। बावजूद संबंधित अधिकारियों पर मानसिक दबाव जरूर बना रहा।

एक्जिट पोल में परिषद का भी पलड़ा भारी

दो दिन मतदान के बाद तीसरे दिन दोपहर बाद से जोन स्तर पर कथित एक्ज़िट पोल कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर दिखाई देने लगे। इसमें इंडियन रेलवे के कुछ जोन में परिषद का पलड़ा भारी बताया गया। कुछ में तीसरे नंबर पर दिखाई दिया। वहीं कुछ जोन के वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ की बढ़त की बातें हुई। लेकिन एम्प्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों का कहना रहा कि यूनियन बड़ा संगठन है। कर्मचारी हित व सुविधाओं के निदान का लंबा इतिहास रहा है। ऐसे में यूनियन को मान्यता के दायरे में आने से कोई रोक नहीं सकता।

दिव्यांग सहायक लोको पायलट मतदान के लिए पहुंचा

 

मतदान के आखिरी दिन रेलवे स्टेशन पर खासी हलचल रही। यूनियन के मंडल मंत्री मनोहर सिंह बारठ, मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह सोलंकी, मजदूर संघ मंडल मंत्री अभिलाष नागर तथा मंडल अध्यक्ष प्रताप गिरी, परिषद के जोनल संगठन मंत्री शिवलहरी शर्मा के अलावा संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। रनिंग कर्मचारी बारी-बारी से बूथ पर आते-जाते रहे। वहीं ड्यूटी खत्म होने के बाद कुछ कर्मचारी लॉबी से सीधे मतदान स्थल पहुंचे। इस बीच दिव्यांग सहायक लोको पायलट शेरसिंह मीणा भी मतदान के लिए स्टेशन पहुंचे। इसे रिटायर्ड गार्ड चंपालाल गडवानी, दीपक गुप्ता व वाजिद खान ने बूथ तक ले जाने के सहायता की।

Leave A Reply

Your email address will not be published.