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तबादलों के खेल में फुटबॉल बने कर्मचारी?…. रतलाम DRM ऑफिस का कार्मिक विभाग सुर्खियों में, गोपनीय शाखा में तबादलों का दौर जारी, उठने लगे सवाल

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम रेल मंडल कार्यालय के कार्मिक विभाग की गोपनीय शाखा इन दिनों तबादलों को लेकर लगातार चर्चा में है। गोपनीय शाखा में लगातार हो रही उथल-पुथल और तबादलों की प्रक्रिया ने विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। ताज़ा मामले में दो और तबादले किए गए है। ये तबादले भी गोपनीय शाखा से ही जुड़े है। हालांकि इसके उलट विभागीय हलकों में यह चर्चा है कि प्रशासन द्वारा प्रशासनिक कामों को गति देने तथा गुटबाजी व ख़ेमेबाजी को विराम देने के लिए ये तबादला सर्जरी की जा रही है।

ट्रेड यूनियन से जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल:-  शासकीय एवं प्रशासनिक परंपराओं के अनुसार, गोपनीय प्रक्रियाओं और प्रशासनिक गोपनीयता बनाए रखने के लिए ट्रेड यूनियनों से सीधे जुड़े कर्मचारियों को गोपनीय शाखा में पदस्थ नहीं किया जाता है। हालांकि, कर्मचारियों का आरोप है कि सीनियर डीपीओ सोमनाथ कैलास गायकवाड़ के कार्यकाल में इस परंपरा को दरकिनार कर नई रीति शुरू कर दी गई है।

​हालिया उथल-पुथल के प्रमुख कारण:- पल्लवी मीणा का तबादला: गोपनीय शाखा में कार्यरत ओएस पल्लवी मीणा के 29 जुलाई को ईटी सेक्शन में तबादला आदेश की खबर के बाद से विभाग में हलचल तेज हो गई है।
संध्या यादव के आने से चर्चा तेज:-  वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ से जुड़ीं ओएस संध्या यादव को ईटी सेक्शन से पल्लवी मीणा के स्थान पर गोपनीय विभाग में तबादला आदेश जारी किए गए।
– अशोक तंवर की नियुक्ति:- इससे पूर्व ई-4 सेक्शन से अशोक तंवर का तबादला गोपनीय शाखा में कर वहीं ग्रेडवार पदोन्नति देने पर भी कर्मचारियों ने हैरानी जताई थी।

एक ही साल में तीन बार तबादला, विवाद गहराया:- गोपनीय शाखा के सेक्शन में कर्मचारियों की आवाजाही का सिलसिला थम नहीं रहा है:
– विजय पांडेय (सीनियर क्लर्क):-  विजय पांडेय का एक ही साल में तीन बार तबादला किया गया। वे पहले गोपनीय शाखा में थे, जहाँ से उन्हें ई-4 भेजा गया। फिर दोबारा गोपनीय शाखा लाया गया और अब हाल ही में फिर से ई-4 सेक्शन में ट्रांसफर कर दिया गया है।
– अतिरिक्त कार्यभार से इनकार:- विजय पांडेय का तबादला होने के बाद ओएस पल्लवी मीणा को उनका काम देखने का फरमान जारी हुआ था, जिस पर उन्होंने असमर्थता जाहिर की थी। इसके बाद जारी आदेश में मीणा का भी तबादला कर दिया गया।
– चीफ ओएस का फेरबदल:- चीफ ओएस वंदना हैरी का कुछ माह पहले तबादला डीआर सेक्शन में किया गया था। जबकि डीआर सेक्शन के चीफ ओएस राजेंद्र चौहान को वंदना की जगह गोपनीय शाखा में भेजा गया। हालाँकि, तबादले के तुरंत बाद स्वास्थ्य कारणों के चलते चौहान ‘सिक’ (मेडिकल लीव) पर चले गए हैं। प्रशासन द्वारा 27 जुलाई को  पदोन्नत कर चौहान के लिए आरटीआई तथा यूनियन सेल तबादला के आदेश जारी किए गए।
​दूसरी ओर ‘यूनियन सेल’ में कर्मचारियों का अकाल:- जहाँ एक तरफ गोपनीय शाखा में लगातार तबादलों और नियुक्तियों की रस्साकशी जारी है, वहीं दूसरी ओर यूनियन सेल सेक्शन गंभीर स्टाफ की कमी से जूझ रहा है।
यूनियन सेल में फिलहाल केवल पल्लव उपाध्याय ही कार्यरत रहा हैं। अब जाकर यहां राजेंद्र चौहान का तबादला किया गया। रेल कर्मचारियों का मानना है कि जिन ट्रेड यूनियन से जुड़े कर्मचारियों को गोपनीय शाखा में भेजा जा रहा है। उन्हें वास्तव में यूनियन सेल में नियुक्त किया जाना चाहिए। इससे न केवल गोपनीय शाखा की गोपनीयता बरकरार रहेगी। बल्कि यूनियन सेल का कामकाज भी बेहतर ढंग से संचालित हो सकेगा।

इसलिए किए गए तबादले…? कार्मिक विभाग के गलियारों के इन ताबड़तोड़ तबादलों को लेकर लामबंदी जैसी वजहों को लेकर भी ख़ास चर्चा आम रूप से हो रही है। बताया जा रहा है कि चीफ ओएस वंदना हैरी का कुछ माह पहले गोपनीय विभाग से डीआर सेक्शन में तबादला किया गया। प्रशासन इन्हें लंबे समय बाद दूसरे सेक्शन में काम लेना चाह रहा था। दूसरी ओर गोपनीय विभाग में कार्यरत कर्मचारी (ताज़ा तबादले वाले) अपने सेक्शन के बजाय श्रीमती हैरी के डीआर सेक्शन में अधिकांश समय बीता रहे थे। इसे लेकर गोपनीय विभाग से ही अन्य कर्मचारी द्वारा अधिकारी को शिकायत की गई। ऐसे में दस्तावेजी आशंकाओं तथा फाइलों की गोपनीयता बरकरार रखना जरूरी माना गया। इसके चलते गोपनीय विभाग के संबंधित कर्मचारियों को हटाने की बातें सामने आ रही है।

10 साल से एक ही सेक्शन में जमे कर्मचारी:- तबादलों को लेकर सवाल इसलिए भी खड़े हो रहे हैं कि गोपनीय विभाग में सतत तबादला आदेश जारी किए जा रहे है। लेकिन कार्मिक विभाग में ऐसे कई कर्मचारी है। जो 10-10 साल से एक ही सेक्शन में जमे हुए है। इनमें से कई अधिकारियों के चहेते तथा ख़ास होने का सीधा उन्हें लाभ मिला।
बता दें कि न्यूज़ जंक्शन द्वारा ऐसे सेक्शनों में जमे हुए कर्मचारियों की नामज़द सूची प्रकाशित की जाएगी।

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