-खेलकूद संघ सचिव ने कहा-बगैर फीस के एंट्री नहीं होगी, गेट लगा देंगे।
-एथलेटिक्स कोच नितिन कलंकी बोले-आप सुरक्षा बल लगाओ फिर भी खिलाड़ी एंट्री करके रहेंगे।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। सैकड़ों खिलाड़ियों को राज्य, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला रेलवे खेल मैदान अब सशुल्क एंट्री निर्धारण को लेकर चर्चा में बना हुआ है। निशुल्क एंट्री के लिए खिलाड़ियों व कोच को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। दरअसल पिछले माह के आखरी सप्ताह में रेल प्रशासन ने मैदान में एंट्री के लिए प्रति खिलाड़ी 100 रुपए शुल्क निर्धारित कर दिया है। इसके विरोध व तकरार के बाद बुधवार को रतलाम मंडल खेलकूद संघ सचिव व खेल कोचों के बीच चर्चा भी लगभग बेनतीजा रही। हालांकि शाम को मैदान का गेट नहीं लगने के बाद खिलाड़ियों ने बगैर रोकाटोक अभ्यास के लिए प्रवेश किया।
मालूम हो कि खेलकूद संघ के अध्यक्ष डीआरएम रहते है। जबकि डीआरएम स्वयं किसी वरिष्ठ अधिकारी को सचिव नियुक्त करते है। वर्तमान में सीनियर डीईई टीआरओ महेश गुप्ता को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
खेल कोच मंडल कार्यालय तलब
इधर, खिलाड़ियों के विरोध के बाद डीआरएम व खेलकूद संघ अध्यक्ष रजनीश कुमार के निर्देश पर रतलाम मंडल खेलकूद संघ सचिव महेश गुप्ता ने कोचों को चर्चा के लिए बुलवाया। तब एथलेटिक्स कोच नितिन कलंकी, मदन गायकवाड़, अनीस शेख, कमल कैथवास, श्याम सुंदर कैथवास मंडल प्रबंधक कार्यालय पहुंचे। चर्चा के दौरान जब गुप्ता ने कहा कि प्रशासन द्वारा हर खिलाड़ी से 100 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। यह रेलवे का सर्कुलर है। तब कलंकी ने पूछा कि यह आदेश कहां का है। रेलवे बोर्ड का है या पश्चिम रेलवे मुख्यालय का आदेश है। जवाब में गुप्ता ने कह दिया कि आदेश मंडल कार्यालय का है तथा शुल्क नहीं देने पर गेट लगाकर प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इस पर तीखे स्वर में कलंकी ने कहा कि सॉरी सर, खिलाड़ी 100 रुपए नहीं दे सकते है। आप आरपीएफ व जीआरपी जवानों को गेट पर तैनात कर दीजिए। इसके बाद भी हम हर हाल बच्चों को प्रवेश कराएंगे।
शाम को नहीं हुई रोका-टोकी
हालांकि शाम को जब 6 बजे खिलाड़ी मैदान पहुंचे तो उन्हें गेट खुला मिला। मामले में कोच का कहना है कि अनुमान है कि चर्चा के बाद रिपोर्ट रतलाम मंडल खेलकूद संघ सचिव महेश गुप्ता ने डीआरएम व खेलकूद संघ अध्यक्ष रजनीश कुमार को दी होगी। संभवतः डीआरएम ने गेट बंद न करने के निदेश दिए होंगे।
बड़ी संख्या में खिलाड़ियों का नियमित अभ्यास
बता दें कि रेलवे खेल मैदान में फुटबॉल व एथलेटिक्स के करीब 100 से अधिक बच्चे अभ्यास के लिए नियमित आते है। एथलेटिक्स में बालक-बालिका सहित तकरीबन 25 से 30 खिलाड़ी अभ्यास करते है। जबकि फुटबॉल के 50 खिलाड़ी नियमित अभ्यास में जुटते है। इसके अलावा शारीरिक अभ्यास के लिए भी खिलाड़ी मैदान में पहुंचते ही। मामले में कोच नितिन कलंकी ने बताया कि उनकी रेलवे में नियुक्ति तथा रिटायरमेंट इसी मैदान में अभ्यास करते हुआ है। नौकरी में रहते ड्यूटी के बाद खिलाड़ियों को निशुल्क व निस्वार्थ अभ्यास कराते रहे है। उल्टा मैदान की सफाई स्वयं खिलाड़ी करते है। जोन के किसी भी मंडल में शुल्क के प्रावधान नहीं है। हां, फिर भी प्रशासन को यदि शुल्क लेना है तो देने को तैयार है। लेकिन मैदान का पर्याप्त मेंटेनेंस सहित खिलाड़ियों के लिए पानी के इंतजाम रहे। साथ ही मैदान की तय मानकों के मुताबिक रखरखाव किया जाएं।
