‘शाबाश शादाब भाई’….नौकरी के टारगेट में पावर शॉट तो फुटबाल में ओवरहेड किक के जरिए जीता दिल, रिटायरमेंट के पहले भी विनर कोच साबित हुए
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम रेल मंडल में सीटीआई पद से इसी माह रिटायर्ड हो रहे फुटबॉल कोच शादाब खान ने अपने मृदुल व्यवहार और उम्दा फुटबॉलर के जरिए 37 सालों तक लोगों का दिल जीता। इनकी कोच नेतृत्व क्षमता का प्रमाण हालिया में रतलाम में हुई अंतर मंडलीय फुटबॉल प्रतियोगिता में देखने को मिला। जब रतलाम मंडल की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते खिताब पर कब्जा कर ट्रॉफी जीती।
बड़ी बात है कि शादाब खान टिकिट चेकिंग जैसे यात्री सुविधा व राजस्व अर्जित करने जैसे चैलेंजिंग जॉब में निर्विवाद रहे। बल्कि शासकीय कार्य के दौरान विभागीय शिकायत का मौका तक नहीं आने दिया। वहीं दूसरी ओर 1989 से 2026 तक निरंतर 37 वर्ष खिलाड़ी, कोच एवं निर्णायक की भूमिका निभाते हुए ये अपने खेल के जुनून से रतलाम मंडल को गौरवान्वित करते रहे। शादाब 31 मार्च 2026 को भले ही रिटायर्ड हो रहे है। लेकिन नए खिलाड़ियों की पौध तैयार करने में वे फुटबॉल की नर्सरी, बल्कि टीम को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
रतलाम मंडल बना विजेता:- इसी सप्ताह अंतर मंडलीय फुटबॉल प्रतियोगिता रतलाम के खेल मैदान में आयोजित हुई। फाइनल मैच में रतलाम मंडल ने परेल वर्कशॉप को 1-0 से हराकर प्रतियोगिता पर कब्जा किया।

फाइनल मैच का एकमात्र गोल रोहित ने 16 मिनट में किया। इसमें 31 सीटीआई शादाब खान ने रतलाम डिवीजन फुटबाल कोच, खिलाड़ी एवं निर्णायक की अहम भूमिका निभाई।
इस प्रतियोगिता के तीसरे स्थान के लिए खेले गए हार्डलाइन मुकाबले में मुंबई डिवीजन ने राजकोट डिवीजन को हराकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर सचिव आईडीएसए पीयूष पांडे ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को गोल्ड मेडल व सिल्वर मेडल से सम्मानित कर ट्रॉफी प्रदान की।
