Logo
ब्रेकिंग
8लेन की सड़क बनी ओपन डीज़ल प्लांट.... दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बायोडीजल से भरा टैंकर पलटा, चालक घाय... तबादलों के खेल में फुटबॉल बने कर्मचारी?.... रतलाम DRM ऑफिस का कार्मिक विभाग सुर्खियों में, गोपनीय शा... एमजे रेल रोड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर एवं हम-लोग संस्था के अध्यक्ष सुभाष जैन को मिला रतलाम गौरव... लीकेज से मिली राहत: सीआईजी के निरीक्षण के बाद 50 से अधिक क्वार्टरों में शेड लगाने का काम शुरू केबिन की कहानी का ऐसा अंत, "झगड़ा झूठा, कब्जा सच्चा", बाबा सोमनाथ का ऐसा महाराष्ट्र प्रेम...चंदा उगा... राहत मिली लेकिन उलझन बरकरार....इंदौर रेलवे हॉस्टल बंद करने के आदेश पर कर्मचारी नेताओं के साथ DRM से ... संत श्री हरीराम जी शास्त्री के नेपाल चतुर्मास प्रवास की पूर्व संध्या पर खाटु श्याम भजन संध्या रतलाम के पुष्कर ने विपरीत परिस्थितियों को बनाया अवसर, Re-NEET में बढ़ाए अंक, अब MBBS की सीट सुनिश्चि... टीटीई से विवाद के बाद चलती ट्रेन से गिरा यात्री, दोनों पैर कटे; टीटीई पर मारपीट का आरोप रतलाम रेलवे स्टेशन: अवैध वेंडर्स के बीच फ़ास्ट फूड का खेल... उड़ा रहे नियमों की धज्जियाँ, हर कोच में प...

इंदौर स्टेशन से बाहर निकलते पहचाना….14 वर्षीय खोए बालक को टीटीई स्टाफ ने परिवार से मिलाया, लौटी चेहरे पर खोई मुस्कान

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। घर से खोए 14 वर्षीय बालक को टीटीई स्टाफ के माध्यम से परिजनों से मिलवाने का मामला सामने आया है।
ग्वालियर निवासी 14 वर्षीय बालक घर से बिना बताए निकल गया था। परिजन बालक की खोज में परेशान हो रहे थे। उन्होंने बालक का फोटो सभी जगह प्रसारित किया। रेलवे से भी संपर्क किया। आशंका जताई कि वह इंदौर की गाड़ी में गया होगा।
सीएमआई कंट्रोल द्वारा संबंधित गाड़ी के टीटीई स्टाफ सौरभ शर्मा एवं मनेश मीना सहित आरपीएफ स्टाफ से बालक का विवरण शेयर किया। स्टाफ द्वारा रात के वक्त गाड़ी में अपना कार्य करते हुए बालक को भी ढूंढने कर रहे थे।
अचानक इंदौर स्टेशन पर टीटीई मनेश मीना, सौरभ शर्मा ड्यूटी खत्म कर आगे जा रहे। उप मुख्य टिकिट निरीक्षक जय सिंह को चार्ज दे रहे थे। तभी इनकी नज़र एक बालक पर पड़ी। यह स्टेशन से असहजता से बाहर जाने की कोशिश कर रहा था। शंका होने पर स्टाफ द्वारा उसे रोक कर दिए फोटो व अन्य विवरण से मेल किया। तो वही घर से भगा हुआ लड़का पाया। तुरंत चाइल्ड लाइन, कंट्रोल को मैसेज कर बालक आरपीएफ के सुपुर्द किया। परिजन से संपर्क कर सकुशल मिलने की सूचना दी। सूचना पाते ही मौके पर पहुंचे परिजन भाव विभोर हो गए। तीनों टीटीई स्टाफ की आभार माना।
बता दें कि टिकिट चेकिंग स्टाफ फ्रंट लाइन स्टाफ के नाम से जाना जाता है।विगत कुछ वर्षों में टिकीट चेकिंग स्टाफ द्वारा ऐसे कई कार्य किए जिससे रेलवे की छवि को समाज के सामने एक नया आयाम दिया है। चाहे किसी का कीमती सामान खोया हो, रुपए, जेवर लोटाना या परिवार से बिछड़े परिजन को मिलना। किसी की जान बचाना हो, टिकिट चेकिंग स्टाफ द्वारा अपना नियमित कार्य के अतिरिक्त इन कार्यों को बखूबी, पूरी ईमानदारी से और इसे भी अपनी जिम्मेदारी समझ कर तत्परता से निभाया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.