इंदौर स्टेशन से बाहर निकलते पहचाना….14 वर्षीय खोए बालक को टीटीई स्टाफ ने परिवार से मिलाया, लौटी चेहरे पर खोई मुस्कान
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। घर से खोए 14 वर्षीय बालक को टीटीई स्टाफ के माध्यम से परिजनों से मिलवाने का मामला सामने आया है।
ग्वालियर निवासी 14 वर्षीय बालक घर से बिना बताए निकल गया था। परिजन बालक की खोज में परेशान हो रहे थे। उन्होंने बालक का फोटो सभी जगह प्रसारित किया। रेलवे से भी संपर्क किया। आशंका जताई कि वह इंदौर की गाड़ी में गया होगा।
सीएमआई कंट्रोल द्वारा संबंधित गाड़ी के टीटीई स्टाफ सौरभ शर्मा एवं मनेश मीना सहित आरपीएफ स्टाफ से बालक का विवरण शेयर किया। स्टाफ द्वारा रात के वक्त गाड़ी में अपना कार्य करते हुए बालक को भी ढूंढने कर रहे थे।
अचानक इंदौर स्टेशन पर टीटीई मनेश मीना, सौरभ शर्मा ड्यूटी खत्म कर आगे जा रहे। उप मुख्य टिकिट निरीक्षक जय सिंह को चार्ज दे रहे थे। तभी इनकी नज़र एक बालक पर पड़ी। यह स्टेशन से असहजता से बाहर जाने की कोशिश कर रहा था। शंका होने पर स्टाफ द्वारा उसे रोक कर दिए फोटो व अन्य विवरण से मेल किया। तो वही घर से भगा हुआ लड़का पाया। तुरंत चाइल्ड लाइन, कंट्रोल को मैसेज कर बालक आरपीएफ के सुपुर्द किया। परिजन से संपर्क कर सकुशल मिलने की सूचना दी। सूचना पाते ही मौके पर पहुंचे परिजन भाव विभोर हो गए। तीनों टीटीई स्टाफ की आभार माना।
बता दें कि टिकिट चेकिंग स्टाफ फ्रंट लाइन स्टाफ के नाम से जाना जाता है।विगत कुछ वर्षों में टिकीट चेकिंग स्टाफ द्वारा ऐसे कई कार्य किए जिससे रेलवे की छवि को समाज के सामने एक नया आयाम दिया है। चाहे किसी का कीमती सामान खोया हो, रुपए, जेवर लोटाना या परिवार से बिछड़े परिजन को मिलना। किसी की जान बचाना हो, टिकिट चेकिंग स्टाफ द्वारा अपना नियमित कार्य के अतिरिक्त इन कार्यों को बखूबी, पूरी ईमानदारी से और इसे भी अपनी जिम्मेदारी समझ कर तत्परता से निभाया है।
