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विजिलेंस कार्रवाई…लोअर टीशर्ट में आए इंस्‍पेक्‍टर, ट्रैफिक वर्कशॉप में की जांच, हाथ लगी अनियमितता

-लंबे समय से अयिमितता की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई।
न्‍यूज जंक्‍शन-18
रतलाम। रेलवे उपयोग के लिए खरीदी गई सामग्री के बाद इसके वितरण एवं आबंटन से जुड़े प्रमुख विभाग टैफिक वर्कशॉप में लगातार शिकायत के बाद मुंबई विजिलेंस टीम ने छापामार कार्रवाई की। ऑफ‍िस के दस्‍तावेज, पिछले रिकॉर्ड की जांच कर वहां उपलब्‍ध मटेरियल के मिलान किए गए। इसमें विजिलेंस को अनियमितता भी हाथ लगी। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया। हालांकि इसकी रिपोर्ट बाद में बनाई जाकर संबंधित इंजीनियरिंग विभाग व वाणिज्‍य विभाग को भेजी जाएगी। दूसरी ओर ट्रैफिक वर्कशॉप में ऐसी अन्‍य कई अनियमितता भी उजागर हुई है। जिसमें सीधे से रेलवे को माह के हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है।
बता दें कि वाणिज्‍य विभाग के अधिन ट्रैफिक वर्कशॉप का कार्यालय डाट की पुलिया एरिया में स्‍थ‍ित है। यहां से यात्री सुविधा, कॉलोनी क्‍वार्टर उपयोग सहित कार्यालयीन सामग्री का डिमांड के मुताबिक वितरण किया जाता है। वहीं कई पुरानी सामग्री की नीलामी प्रक्रिया भी नियमों से की जाना रहती है। हालांकि इसी प्रक्रिया से जुड़ी गंभीर अनियमितता अभी तक दबी हुई थी। यह तमाम अनियमितताएं न्‍यूज जंक्‍शन-18 के हाथ लगी है। इस न्‍यूज प्‍लेटफॉर्म पर जिम्‍मेदारीपूर्वक सिलसिलेवार कड़ियों में खबर प्रकाशित कर गड़बड़ियां उजागर की जाएगी।

तीन से चार घंटे तक जांच पड़ताल

ट्रैफिक वर्कशॉप में विजिलेंस द्वारा कार्रवाई अगस्‍त 2024 के आखरी सप्‍ताह में की गई। सूत्रों के मुताबिक मुंबई से तीन सदस्‍यीय विजिलेंस टीम ने रेलवे स्‍टेशन उतरकर सीधा ट्रैफिक वर्कशॉप का रुख किया। दरअसल तीनों इंस्‍पेक्‍टर लोअर टीशर्ट में आफ‍िस में जा धमके। इससे वहां मौजूद स्‍टाफ को समझ नहीं सके, नहीं इन्‍हें कोई पहचान सका। इसके बाद एसएसई अब्‍दुल शेख अहमद से सवाल-जवाब कर इनसे खरीदी तथा रिकॉर्ड संबंधी दस्‍तावेज मांगे। टीम ने वहां रखी सामग्री का रिकॉर्ड से मिलान किया। बताया जा रहा है कि वहां उपलब्‍ध सामग्री बरसाती का मिलान नहीं हुआ। बरसाती की दरों में भिन्‍नता भी पाई गई। वहीं कुछ सामग्री कम भी निकली। इसकी विस्‍तार से जांच पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार की गई। मामले में एसएसई ट्रैफिक वर्कशॉप अब्‍दुल शेख अहमद से जानकारी लेना चाही। मगर उन्‍होंने शासकीय सीम का फोन रिसीव नहीं किया।

एक अधिकारी तो साथ ही ले गए गद्दे

रेलवे में सामग्री आबंटन का मुख्‍य केंद्र ट्रैफिक वर्कशॉप का कार्यालय हमेशा सुर्खियों में रहा है। यहां स्‍टाफ में झुमाझपटी के अलावा आए दिन की शिकायतों का दौर कभी थमा नहीं है। इसकी मुख्‍य वजह इस ऑफिस की डीआरएम ऑफ‍िस से दूरी होना तथा जिम्‍मेदारों द्वारा समय पर वहां सुध नहीं लेना है। यहीं वजह है कि ऑफिस से कई सामग्री रेलवे बंगलों की शोभा बनती रही है। बताया यह भी जा रहा है कि यहां से तबादला होकर गए वाणिज्य विभाग के दूसरी कतार के एक अधिकारी रेलवे द्वारा खरीदे गए महंगे गद्दे अपने साथ ले गए। इसकी केवल स्‍टाफ को ही भनक लग पाई है। इससे रेलवे संपत्ति को सीधे से नुकसान पहुंचा है।

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