Logo
ब्रेकिंग
मक्सी-पीर उमरोद रेल हादसे की एसएजी जांच शुरू: मौके पर पहुंची टीम, ट्रैकमैन सहित स्टेशन मास्टर्स के ... यूनियन के एक दर्जन रेल कर्मचारी मजदूर संघ के हुए, सदस्यता लेने पर किया स्वागत संजय वशिष्ठ पांचवी बार भारतीय बास्केटबॉल टीम की चयन समिति में शामिल टिकट चेकिंग स्टाफ की नई तैनाती....डिसीटीआई पद इंदौर भेजा, मोहन जोशी रतलाम व वीरसिंह मीणा को इंदौर सी... भाजपा नेता राकेश पांचाल मातृ शोक, 80 वर्षीय मोतिया बाई पांचाल मक्सी-पीरउमरोद हादसा: कर्मचारियों के भारी आक्रोश के बाद GM ने दिए SAG स्तर की 'मेजर जॉइंट इंक्वायरी'... ​रतलाम में सनसनीखेज वारदात: रेलवे माल गोदाम रोड पर युवक को मारी गोली, प्रेम विवाह से जुड़ी रंजिश की ... रतलाम के राजबाग गरबा उत्सव में अनूठी पहल: 200 बालिका-महिलाओं को बांटी गईं तलवारें और वैदिक पुस्तकें मक्सी-पीर उमरोद रेल हादसा: साथियों की दर्दनाक मौत से सदमे में रेलकर्मी, सिसकियों में बयां किया ख़ौफ़ना... बजरंगगढ़ स्टेशन पर ऑइल भरी मालगाड़ी में लगी आग, हड़कंप

ये बाबूमोशाय भी खूब रहे…. स्टीम से लेकर इलेक्ट्रिक इंजन तक का किया सफर तय, 40 साल तक जुबां पर रहे राजेश खन्ना

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। जिस तरह सुनहरे पर्दे पर काका यानी राजेश खन्ना ने सालों तक अपनी चमक बिखेरी…। इसी तरह रेलवे के राजेश खन्ना ने अपनी 40 साल की नौकरी में अपने साथियों के दिलों पर राज किया…। अपनी बेहतरी के कारण ये अफसरों के भी चहेते रहे। स्टीम से लेकर इलेक्ट्रिक इंजिन तक के दौर तक इन्होंने लाखों मुसाफिरों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने में खूब मशक्कत की। बल्कि हजारों चेहरों को अपनों से मिलाने की दिल से ख़ुशी व मन का सुकून दिलाया। जीवन का ध्येय काका की भांति रहा कि ”बाबूमोशाय, जिंदगी बड़ी व सुखद होनी चाहिए, लंबी नहीं”…..!!


फ़िलहाल खन्ना रतलाम रेल मंडल के सीटीसीसी राजेश खन्ना सेवानिवृत हुए। दरअसल 40 वर्ष से रेलवे में विभिन्न विभागों तथा पदों पर रहने के बाद खन्ना ने वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेकर रेलवे को अलबिदा कहा। वर्ष 1987 से रेलवे से जुड़े खन्ना ने स्टीम इंजन के सहायक लोको पायलट से लेकर इलेक्ट्रिक इंजन ट्रेन राजधानी के प्रमुख लोको पायलट तक का सफर तय किया। अपने कार्यकाल में इन्होंने कई विभागीय परीक्षाएं उत्तीर्ण कर विभिन्न पदों पर काम किया। रतलाम मंडल में वे इकलौते ऐसे इंचार्ज रहे जिन्हें अपने कार्यकाल में चार बार इंटरनल एग्जाम देकर सीटीसीसी के पद पर काम करने का अवसर प्राप्त किया।

यह भी बता दें कि इस पद की प्रमुख जिम्मेदारी मंडल के सात सौ से अधिक लोको पायलट्स और सभी ट्रेनस को मैनेज करना रहा है। स्वयं बेस्ट लोको पायलट का अवॉर्ड प्राप्त कर चुके है। खन्ना ने कर्मचारी यूनियन और रेलवे मंडल के मध्य हमेशा सौहार्दपूर्ण रिश्ते बनाए। झांसी, उज्जैन और रतलाम में काम कर चुके और कई अवॉर्ड्स हासिल किए। जिसमें हाल ही में उनके नेतृत्व में रतलाम मंडल को बेस्ट लॉबी का अवॉर्ड वेस्टर्न रेलवे के एमओबीडी हितेंद्र मल्होत्रा द्वारा प्रदान करना शामिल है।

मंडल के अधिकारी ने की सराहना:- रतलाम रेल मंडल के सीनियर डीईई (टीआरओ) महेश कुमार गुप्ता ने बिदाई समारोह में खन्ना के कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा कि “राजेश खन्ना ने अपने कार्यकाल में नीति नियम से चलते हुए हर विभाग से सामंजस्य बैठा कर काम किया है। ऐसे बहुत कम एम्प्लाइज होते हैं, जिनकी सभी तारीफ करते हैं। खन्ना उनमें से ही एक हैं। इधर, समय से पूर्व सेवानिवृत्ति लेने पर राजेश कहते हैं कि रेलवे का हर कर्मचारी एक सैनिक की तरह काम करता है। रेल और यात्रियों की सुविधा-सुरक्षा के लिए हम लोग दिनरात तत्परता से जुटे रहते हैं। गत 40 वर्षों से यही मेरी भी प्राथमिकता रही है। अब मैं अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहता हूं।” विदाई समारोह में खन्ना को रेलवे की तरफ से मोमेंटो भी दिया गया। मंडल के
सीनियर डीईई गुप्ता के सानिध्य में हुए इस बिदाई समारोह में सीएलआई व समस्त लॉबी स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के बाद परंपरानुसार सभी साथी स्टाफ सदस्य खन्ना को उनके घर पर छोड़ने आए। परिजनों को धन्यवाद प्रेषित कर सम्मान किया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.