
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। तक्षक नाग द्वारा राजा परीक्षित को डंसने और अंत में शुकदेव जी द्वारा परीक्षित को मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताना यह सिखाता है कि प्रभु नाम से ही जीव का उद्धार संभव है। मनुष्य भौतिकवाद में पड़कर धर्म से दूर हो रहा है, जिससे वह विभिन्न समस्याओं से घिरा रहता है। हमें जीवन को जीने की कला को भी भक्तिमय बनाना होगा। भगवान की भक्ति से जीवन के अंतिम समय सरलता से गुजरता है।
यह बात रामसनेही संत श्री हरिराम जी महाराज ने सवारियां मंदिर के पीछे करमदी रोड पर सात दिवसीय दिव्य भागवत कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराते हुए कही।
भागवत कथा ज्ञान गंगा में नित्यानंद आश्रम के पूज्य संत श्री नर्मदानंद बाप जी विशेष रूप से संत श्री के आग्रह पर उपस्थित थे। जिन्होंने भी धर्म सभा को सम्बोधित करते हुवे कहा कि आजकल सुंदरता की होड़ लगी है। जिससे कई परिवार में बिखराव हो रहा है। मनुष्य का चित्र सुंदर हो न हो पर उसका चरित्र सुंदर होना चाहिए। आपने हरिनाम का वाचन भी कथा स्थल पर करवाया। इस अवसर पर खाचरोद गुरुकुल के संत रामानुराग, रामस्नेही संत तोताराम जी, संत योगिराज हर्षराम जी ने भी अपना आशीर्वचन दिया।

गौरतलब है कि यह कथा खाचरोद गुरुकुल के बच्चों की सहायतार्थ है। इसी प्रकल्प में कथा के दौरान वीर सावरकर हिंदू हेल्थ क्लब द्वारा 5,100 रुपये, श्रीमती शांति बाई जुगलकिशोर सकला द्वारा 5,100 रुपये, कमला बाई तुलसी राम द्वारा 5,100 रुपये की राशि दी गई। संत श्री की गुरु महिला मंडल द्वारा 10,001 रुपये के साथ कई गुप्त राशियां गुरुकुल सहायतार्थ प्रदान की गईं।
कथा के दौरान संत श्री का गुरु महिला मंडल मालीकुआं, श्री मनकामेश्वर भक्त मंडल, भजन गायिका चंद्रकांता सोनी, कथा वाचक राम मिलन जी शास्त्री के साथ-साथ देवेश्वर महादेव भक्त मंडल द्वारा अभिनंदन किया गया। प्रारंभ में चेतन पटेल, कान्हा पटेल, सरस्वती पटेल, घिसी बाई पटेल, तुलसी पटेल, रिना पटेल के साथ पूर्व पार्षद वंदना अनिल पुरोहित ने भी पोथीपूजन कर धर्म लाभ लिया।
भागवत कथा के अंतिम दिन व्यास पीठ पर सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित का शाल श्रीफल से पूज्य संत श्री के सानिध्य में पटेल परिवार द्वारा स्वागत किया गया। कथा विश्रांति के बाद भागवत पोथी का चल समारोह उत्सवि माहौल में निकला, जो सवारियां मंदिर पर समाप्त हुआ। बाद में विशाल भंडारे का आयोजन कथा स्थल पर सम्पन्न हुआ। धर्मसभा का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित ने किया। दोपहर बाद संत श्री उदयपुर के लिए प्रस्थान कर गए।
