अनोखी शादी: बारात लेकर पहुंचे दिव्यांग गोविंद, 3 फीट कद की ज्योति से किया ब्याह, पूर्व थाना प्रभारी बने अभिभावक, मंत्रोच्चार के साथ मंदिर में हुए फेरें

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। आस्था और प्रेम की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए, शारीरिक चुनौतियों को मात देकर दो दिल दिव्यांग गोविंद और 3 फ़ीट कद की ज्योति हमेशा के लिए एक दूजे के हो गए। पूर्व थाना प्रभारी दुल्हन के अभिभावक बने तो मोहल्ले के सभी रहवासी आशीर्वाददाता के रूप में साक्षी बने रहे। पंडित ने मंत्रोच्चार के साथ शादी की पूरी रस्म पूरी कराई।
दरअसल यह शादी का नज़ारा शहर की पॉश कॉलोनी राजबाग का है। यह समाज के लिए एक खूबसूरत संदेश है कि रूप-रंग और शारीरिक बनावट से ऊपर उठकर जब दो दिल मिलते हैं। तब ईश्वर भी आशीर्वाद देने खिंचा चला आता है।”
बरबड़ निवासी 29 वर्षीय ज्योति का कद महज 3 फीट है। जबकि दूल्हा दिव्यांग गोविंद शासकीय टीचर है। नागदा से यह पूरे धूमधाम से बारातियों के साथ रतलाम पहुंचे।
पिता दिहाड़ी मजदूरी करते है। वहीं मां लोगों के घरों पर काम कर परिवार में आर्थिक सहयोग करती आई। राजबाग निवासी पूर्व थाना प्रभारी श्यामबाबू शर्मा के घर भी ज्योति की मां काम करने आती है। दुल्हन की इस मां ने बेटी की शादी की चिंता जाहिर की। तब स्वयं थाना प्रभारी ने पूरा खर्च उठाने का भरोसा दिलाया। शुक्रवार को शादी का मुहूर्त आया तो शर्मा ने आगे बढ़कर शादी की कमान संभाली और रस्में पूरी कराईं।
मंदिर में गूंजी शहनाई, लोगों ने बरसाया आशीर्वाद
यह अनोखा विवाह राजबाग कॉलोनी ही स्थित नर्बदेश्वर महादेव मंदिर में पूरे विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। जब 3 फीट की ज्योति को ब्याहने के लिए दोपहर 12 बजे दिव्यांग गोविंद नागदा से बारात लेकर पहुंचा। इनकी जोड़ी देख मंदिर परिसर में मौजूद हर शख्स का दिल खुश हो गया। स्थानीय लोगों ने नवदम्पति के सुखी वैवाहिक जीवन के लिए दिल खोलकर आशीर्वाद दिया।
माता-पिता की चारों बेटियां हैं छोटे कद की
दुल्हन ज्योति के परिवार की बात करें तो उनके माता-पिता के सामने हमेशा से बेटियों के भविष्य की चिंता थी। उनके घर में ज्योति समेत चार बेटियां हैं, और चारों ही छोटे कद की हैं। ऐसे में एक बेटी ज्योति का घर बसना पूरे परिवार के लिए किसी बड़े उत्सव और राहत से कम नहीं है।
यह शादी इस बात का सबूत है कि अगर हौसला और अपनों का साथ हो, तो जिंदगी की हर राह आसान हो जाती है।
