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आईओडब्ल्यू विभाग की मनमानी: रेलवे क्वार्टर की लीकेज छत पर एंगल लगाकर छोड़ा अधूरा, बारिश में नरक बनी रहवासियों की जिंदगी

न्यूज़ जंक्शन-18

रतलाम।  रेलवे प्रशासन एक तरफ कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं देने के दावे करता है। वहीं दूसरी तरफ धरातल पर आईओडब्ल्यू (IOW) विभाग के इंजीनियरों की मनमानी और लापरवाही इन दावों की पोल खोल रही है। ताजा मामला स्थानीय रेलवे कॉलोनी का है। जहाँ आईओडब्ल्यू विभाग की घोर लापरवाही के कारण रेल कर्मचारी और उनके परिवार इस बारिश में बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज होने के बजाय, छत से टपकते पानी से परेशान हो रहे हैं।


​लोहे का ढांचा खड़ा कर भूल गया विभाग:- रहवासियों ने बताया कि क्वार्टरों की छतों से लगातार पानी टपकने (लीकेज) की शिकायत लंबे समय से की जा रही थी। विभाग ने साल भर पहले सुध तो ली। लेकिन काम को आधा-अधूरा छोड़ दिया। छत पर शेड लगाने के लिए लोहे के एंगल का स्ट्रक्चर (ढांचा) खड़ा कर दिया गया। लेकिन उस पर चद्दरें (शेड) नहीं डाली गईं। नतीजा यह है कि बारिश का पानी सीधे क्वार्टरों के भीतर जा रहा है।
नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर रोड नंबर 2 के रहवासी कर्मचारी परिवार की महिला शिकायतकर्ता ने बताया कि कमरों में बारिश का पानी भरने से घर का सामान खराब हो रहा है। बारिश होने पर बच्चों की पढ़ाई और रात को सोने तक की जगह नहीं बची रहती है। समझ नहीं आता कि टपकते पानी को बर्तनों में कब तक समेटते रहे।

चहेतों पर मेहरबानी: छत अधूरी, ग्राउंड में लग रहे शेड :- विभाग की कार्यप्रणाली पर सबसे बड़े सवाल तब खड़े होते हैं, जब एक तरफ जरूरतमंदों की छतें खुली पड़ी हैं। दूसरी तरफ कुछ रसूखदार रहवासियों के घरों के ग्राउंड (आंगन) में शेड डालने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। आईओडब्ल्यू विभाग के इंजीनियर की इस दोहरी नीति और मनमानी को लेकर रेल कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।


​अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश :- बार-बार शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार इंजीनियर इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। रहवासियों का आरोप है कि इंजीनियर अपनी मर्जी से काम करवा रहे हैं। पूछने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। कहते है कि अभी बजट नहीं है या  ठेकेदार को बोल दिया। वह काम नहीं कर रहा तो हम क्या करें।
​कर्मचारियों ने अब चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही छत पर शेड डालने का काम पूरा नहीं किया गया, तो वे इस तानाशाही के खिलाफ रेलवे यूनियन के साथ मिलकर डीआरएम (DRM) कार्यालय का घेराव करेंगे।

इन एरिया में ढांचे बनाए, शेड के लिए इंतजार:- रेलवे कॉलोनी के हर लाइन में 8 से 10 क्वार्टर है, जिनमें लोहे के एंगल के ढांचे खड़े कर दिए गए। लेकिन इन पर शेड नहीं डाले।इसमें न्यू रेलवे कॉलोनी रोड़ नंबर 02 और रोड़ नंबर 05 शामिल है। इसी तरह आरपीएफ कॉलोनी, शिमला कॉलोनी, ओल्ड रेलवे कॉलोनी इत्यादि सभी एरिया में ऐसे नजारें है। जहां जिम्मेदारों ने एक।साल पहले एंगल लगाकर छोड़ रखे हैं। इन क्वाटर्स में खिड़की दरवाजे टूटे पड़े है। वहीं मेंटेनेंस के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है। मामले में पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद के जोनल संगठन मंत्री शिवलहरी शर्मा ने कहा कि मामले में डीआरएम को सीधे अवगत कराएंगे।

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