आगरा कैंट की घटना की आग…. स्टेशन मास्टर को पीटने और घसीटते का मामला तूल पकड़ा, हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध शुरू
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे स्टेशन मास्टर को आरपीएफ जवानों द्वारा पीटने के मामले ने तूल पकड़ लिया। स्टेशन मास्टर एसोसिएशन लामबंद होने लगे है। विवाद में आरपीएफ मास्टर को घसीटते हुए थाने ले गए। हालांकि 4 आरपीएफ जवानों की निलंबित कर दिया। लेकिन इनकी बर्खस्तगी को लेकर ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन ने सांकेतिक प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
दरअसल विवाद में स्टेशन उपाधीक्षक (DSS) की गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने एक महिला यात्री के ट्रेन में न चढ़ पाने पर ट्रेन रुकवा दी थी। इसके बाद आरपीएफ जवानों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में पकड़ लिया। इसको लेकर ही ख़ास तौर पर झगड़ा हुआ।
यह वाकिया रविवार सुबह करीब 11 बजे उठा। अब इस घटना का वीडियो देशभर में वायरल हो गया। प्लेटफार्म नंबर-1 पर अमृतसर से हीराकुंड एक्सप्रेस ट्रेन आई थी। इसी दौरान एक महिला यात्री उसी ट्रेन से नीचे उतरी और कुछ सामान खरीदने लगी। तभी ट्रेन चलने लगी। महिला यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन नहीं चढ़ पाई।
इस पर स्टेशन पर तैनात डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने महिला को भागते देखकर वॉकी-टॉकी से लोको पायलट को सूचना दी और ट्रेन रुकवा दी।
ट्रेन की रफ्तार कम हुई, तो महिला उसमें चढ़ने लगी। तभी वहां तैनात आरपीएफ कर्मी ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया। DSS नरेंद्र चाहर ने इसका विरोध किया। कहा कि ट्रेन को उन्होंने रुकवाया है। लेकिन, आरपीएफ जवान ने उसकी बात नहीं मानी। इसको लेकर विवाद हो गया। फिर मारपीट की नौबत आ गई।
इसी बीच आरपीएफ जवान ने अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद अमानवीय का घटनाक्रम शुरू हुआ। सभी DSS नरेंद्र चाहर को पकड़कर ले जाने लगे। उन्होंने विरोध किया, तो पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। करीब 1 मिनट तक इसी तरह धक्का-मुक्की चलती रही। इस बीच, नरेंद्र चाहर के केबिन में मौजूद स्टाफ आरपीएफ के जवानों को ऐसा नहीं करने को कहते रहे। लेकिन, उनकी अनदेखी करते हुए आरपीएफ की टीम DSS को घसीटते हुए आरपीएफ थाने ले गए।
इस दौरान DSS फर्श पर छटपटाते रहे। लेकिन, 4 आरपीएफ कर्मी उनको हाथ-पैर पकड़कर करीब 300 मीटर घसीटते रहे। आरपीएफ के जवानों का आरोप है कि DSS ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की थी
आगरा रेलवे मंडल के जन सूचना अधिकारी (PRO) संजय गौतम ने मीडिया में बयान जारी कर बताया कि DSS मामले में लापरवाही बरतने पर आरपीएफ इंस्पेक्टर और 4 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना के कारणों की जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
इस कमेटी में स्टेशन डायरेक्टर, आरपीएफ के असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर और AOM शामिल हैं। कमेटी जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन शुरू:- घटना के विरोध में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन द्वारा सांकेतिक प्रदर्शन शुरू कर दिया है। एसोसिएशन के रतलाम मंडल के मंडल मंत्री मनोज चौहान ने बताया कि घटना बेहद ही निंदनीय है। संगठन के राष्ट्रीय बॉडी के फ़ैसले के मुताबिक विरोध में ऑल इंडिया स्तर बीती रात 12 बजे से काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन शुरू किया है। रतलाम मंडल बॉडी इस फैसले के समर्थन में है। काम पर रहते हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे है। जब तक दोषी आरपीएफ जवानों को बर्खस्तगी जैसी कार्रवाई नहीं होती, सभी प्रदर्शन के लिए एकमत रहेंगे।
