रामगढ़ का राम मंदिर: ऐसी नजीर का भव्य नजारा…. सेवा, सहयोग, समर्पण से बनता गया राम दरबार, अब भजन-कीर्तन पर झूम रहे विप्रजन
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। भगवान श्रीराम व अयोध्या नगरी जैसी महिमा की अनोखी पहल का नज़ारा रतलाम शहर के रामगढ़ में इन दिनों दिखाई देने लगा है। ऐसी नजीर श्री गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाजजनों ने अपने आराध्य देव भगवान श्री राम, सीता व लक्ष्मण के पौराणिक मंदिर पेश कर दी है। 150 साल पुराने मंदिर में कभी प्रभु माता सीता व अनुज लक्ष्मण मूर्ति स्वरूप में कुछ संकरे, ओटनुमा परिसर में विराजित थे। अब यह स्थान भव्य परिसर में तब्दील होने की कगार पर है। इसे आस्था की प्रगाढ़ता ही कहेंगे कि अब यहां नियमित हनुमान चालीसा पाठ हो रहा। बल्कि भजन-कीर्तन पर समाजजन खूब झूमते-नाचते हैं। इसका संदेश अब दूसरे समाज में भी फैलने लगा हैं।
बढ़चढ़ कर लोग बन रहे दानदाता:- 7 वर्षीय कार्यकाल में श्री गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज नगर सभा अध्यक्ष राजेश तिवारी ने मंदिर परिसर के कायाकल्प का बीड़ा उठाया। समाजजनों को दानदाता बनने की दिशा में प्रेरित किया। सहयोग का सिलसिला आगे बढ़ा तो हर छोटे-बड़े धार्मिक आयोजनों में कभी हजारों तो कभी लाखों रुपए की दानराशि आती गई। वर्तमान में मंदिर को नवीन स्वरूप दे दिया गया है। जबकि समाजननों के उपयोगार्थ धर्मशाला का काम भी लगभग अंतिम चरणों में है। लोगों ने इस नजीर की सीख भगवान राम के पारिवारिक एकता, आदर्श शासन (रामराज्य), धर्म, भक्ति और निस्वार्थ सेवा से ली हैं। मंदिर में हर मंगलवार को नियमित रूप हनुमान चालीसा सहित धार्मिक आयोजन हो रहे है। हर आयोजन में दानदाताओं की ओर से आर्थिक सहयोग की घोषणा भी की जा रही हैं।
5 से 6 हजार स्क्वेयर फ़ीट एरिया में निर्माण:- समाज के नगर सभा अध्यक्ष तिवारी बताते है कि वर्ष 2023 में मंदिर सहित धर्मशाला का निर्माण शुरू हुआ था। इसमें रतलाम के अलावा अन्य शहरों के दानदाता भी सहयोग के लिए आगे आए। कार्ययोजना के मुताबिक 5 से 6 हजार स्क्वेयर फ़ीट निर्माण में तीन मंज़िला स्ट्रेक्चर तैयार होगा। इसमें 1 करोड़ 25 लाख रुपए का खर्च अनुमानित हैं। नीचे मंदिर के अलावा हाल तैयार किया गया। वहीं ऊपरी हिस्से में 15 कमरें सहित भोजनशाला तैयार की जाएगी। इसके ऊपरी हिस्से में भी हाल सहित सभागृह भी निर्माण प्रस्तावित है। सिविल इंजीनियरिंग के काम में जुटे समाज के नवीन व्यास बताते है कि मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण में गर्भगृह से छेड़छाड़ नहीं करते हुए स्ट्रेक्चर डेवलपमेंट को भव्य रूप दिया गया है। निर्माण में सर्वसुविधा का भरपूर ध्यान रखा गया है। आगामी गौतम जयंती पर काम पूरा किए जाने के लक्ष्य के मुताबिक निर्माण का प्रयास किया जा रहा है।
