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टीटीई रनिंग रूम टेंडर का खेल…तीन फर्म में से मुंबई की फर्म को मिला टेंडर, एस्टीमेट से 13707579 रुपए कम की दर

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे के कामर्शियल विभाग में टिकिट चेकिंग स्टाफ के रनिंग रूम में खानपान के लिए पिछले दिनों जारी किए टेंडर में अंततः निचली दर अंकित करने वाली फर्म को वर्क ऑर्डर का लाभ मिला। हालांकि इसमें एस्टीमेट से 13707579.13 रुपए कर वाली फर्म द्वारा एल-1 श्रेणी के मान से टेंडर हासिल कर लिया गया। बड़ी बात है कि इस खेल के पटाक्षेप की कहानी में केवल दो लोग ही प्रमुख पात्र रहे। एक तो वह जिसने विभाग में बैठकर टेंडर के मूल्य निर्धारण की एक्सरसाइज की है। जबकि दूसरा पात्र वह फर्म ठेकेदार है। जिसे यह पता था कि जो मूल्य वह डालेगा ठेका अंततः उसी के पाले में आएगा। आपसी सहमति के ऐसे खेल में एक को कमीशन तो दूसरे को टेंडर पाने का लाभ मिलता है।

मालूम हों कि सामान्य ठेकेदारों को वंचित करने के लिहाज़ से टीटीई रनिंग रूम के सब्सिडाइज्ड मिल्स के लिए एक करोड़ रुपए अधिक में टेंडर जारी किया गया था। पार्टियों में प्रतिस्पर्धा के अभाव से रेलवे को दो साल की अवधि में राजस्व का नुकसान तथा फर्म को लाभ पहुंचना तय था। छोटी तमाम फर्मो को प्रतिस्पर्धा से लगभग बाहर करने की कूटरचना की गई।


बताया जा रहा कि पिछले दो साल के कोटेशन पर दिए टेंडर में सब्सिडाइज्ड मिल्स के मासिक टोकन के मान से भुगतान किया गया है। वह रनिंग रूम में जितना चेकिंग स्टाफ ठहरते हैं। उसके मान से खानपान के टेंडर में अधिकतम 5000 टोकन की खपत निकलती आई है।

मुंबई की फर्म को ही मिला टेंडर:- बताया जा रहा है कि मुंबई की रुचिका हास्पिटीलिटी सर्विस को टीटीई रनिंग रूम में चेकिंग स्टाफ के खानपान के लिए सब्सिडाइज्ड मिल्स योजना का टेंडर हुआ है। यह दो साल के लिए 25938487.20 रु. मूल्य का टेंडर डाला गया था। जबकि डायनामिक व मालवा द्वारा डाली गई दर ऊंची थी। बताया जा रहा कि मुंबई की फर्म द्वारा एक करोड़ से अधिक के एस्टीमेट से कम डाला गया। फर्म को पिछले दिनों वर्क ऑर्डर भी दे दिया गया।

इसलिए उठे थे सवाल?

सब्सिडाइज्ड मिल्स टेंडर के एस्टीमेट में सब्सिडाइज्ड मिल्स की मात्रा 66 रुपए प्रति टोकन भुगतान का निर्धारण किया गया। दो वर्ष के लिए 246622.20 X 66 रु.प्रति टोकन= 16277065.20 रूपए दी गई है।
जबकि मात्रा 132000.00 से ज्यादा नहीं आ रही है। ये भी 10% बढ़ाकर बताई गई।
इनके हिसाब से उक्त कार्य की मात्रा 132000.00 X 66 रु.प्रति टोकन =8712000 रुपए ही होती है।
यानी के वाणिज्य विभाग द्वारा उक्त कार्य को सीधे तौर पर लगभग एक करोड़ रूपए बढ़ा कर निकाला गया था।
इससे सीधे-सीधे कई छोटी फर्म व कंपनियों को प्रतिस्पर्धा से वंचित करने का एक षड्यंत्र रच दिया गया।

-जानकारी आंकड़ो में

– 39646066.33 रुपए टेंडर में रेलवे द्वारा निर्धारित मूल्य।

– 25938487..20 रुपए मुंबई की फर्म द्वारा ट्रेंडर में डाला गया था ऑफर।

– 13707579.13 रुपए कुल राशि का फर्म द्वारा रेलवे कॉस्ट से कम दिया ऑफर।

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