रेल यात्राओं की अनियमितता, उभरने लगे पुराने जख्म….राम जी के भक्तों को भी नहीं छोड़ा, फर्जी अवकाश सीधे कर ली मनाली यात्रा
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे में कमीशनखोरी व अनियमितता करने वालों को कहीं भी मौका मिले, अपनी करतूत दिखाने में चूकते नहीं। चाहे मामला शासकीय टूर पर खूद के एन्जॉय करने का हो या भगवान रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे भक्तों को स्वल्पाहार कराने से जुड़ा हो। दोनों मामलें चर्चा में आने के बाद इसकी शिकायतों की तैयारियां की जाने लगी है। इन मामलों में एक टूर पर जाने वाली महिला का एक सहयोगी कर्मचारी लिप्त है तो दूसरे मामले में विभाग में अधिकारी तक शामिल है। लेकिन अन्य मामलों की तरह इसे भी अब तक ठंडा कर दिया गया।
रेल मंडल से अयोध्या के लिए चलाई गई थी स्पेशल ट्रेनें:- यह मामला वर्ष 2024 में अयोध्या रामलला दर्शन के लिए 22 जनवरी के पहले चलाई गई स्पेशल ट्रेनों का है। दरअसल राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के लिए देशभर से आने वाले यात्रियों के लिए मोदी सरकार ने हर रेल मंडल के स्टेशनवार स्वल्पाहार की रुपरेखा बनाई थी। जोनवार रतलाम मंडल में भी दाहोद, नागदा, रतलाम सहित कुछ अन्य स्टेशनों पर भी स्वल्पाहार के निर्देश थे। बताया जा रहा है कि यात्रियों के स्वल्पाहार की बिलिंग में जिम्मेदारों ने जमकर हेराफेरी की है। स्वल्पाहार में 7 रुपए प्रति नग नास्ते के सीधे 20 रुपए के मान से बिलिंग कर हजारों रुपए की कमीशनबाजी की गई। इसी तरह अन्य सामग्री में भी ओवरचार्जिंग कर फर्जी बिल तैयार किए गए। इस मामले को उठाने के लिए अब पीएमओ को लिखित शिकायत की जा रही है।
फर्जी छुट्टी आवेदन पर मनाली टूर:- एक अन्य मामला डीआरएम ऑफिस से महिला कर्मचारियों के निकाले गए मनाली टूर में फर्जी अवकाश पर एक महिला कर्मचारी को शामिल करने से जुड़ा है। कार्मिक विभाग से जुड़े इस मामले में मुख्य कार्यालय अधीक्षक स्तर का एक कर्मचारी भी लिप्त है। इस कर्मचारी का सेवानिवृत्ति अवधि भी नजदीक है।
जानकारी के मुताबिक यह मामला भी वर्ष 2023 का है। इसमें फर्जी हस्ताक्षर के अवकाश आवेदन स्वीकृति के बतौर सबूत मिले है। इसकी बाकायदा शिकायत किए जाने की तैयारी है।
दरअसल रतलाम मंडल में महिला विशेष कर्मचारियों का मनाली टूर निकला था। टूर के लिए अवकाश मंजूरी तथा सूची तैयार किए जाने की प्रक्रिया चल रही थी।
उस दौरान महिला कर्मचारी अयोध्या व काशी की यात्रा पर गई थी। इस बीच नियमों के विपरित महिला कर्मचारी के नाम का आवेदन तैयार करने, हस्ताक्षर करने जैसी फर्जी प्रक्रिया दूसरे सेक्शन के मुख्य कार्यालय अधीक्षक द्वारा पूरी की गई। तब तक महिला कर्मचारी का टूर सूची में नाम तक नहीं था। रतलाम पहुंचते ही महिला कर्मचारी सीधे ही मनाली टूर में शामिल हो गई थी।
शिकायत के प्रारूप के मुताबिक रतलाम में महिला कर्मचारी बाहर थी।तब अवकाश के लिए दूसरे सेक्शन में कार्यरत मुख्य कार्यालय अधीक्षक ने कैसे स्वयं ही आवेदन लिखकर महिला के फर्जी हस्ताक्षर कर इसे अधिकारी से मंजूर करवा लिया गया। मुख्य कार्यालय अधीक्षक के बतौर सबूत नामजद शिकायत के बाद न्यूज़ जंक्शन-18 द्वारा खबर में नाम भी उजागर किया जाएगा।
