बोनस के बाद 17 हजार रुपए का एक और तोहफ़ा….रेलवे ट्रैकमैन को साइकिल अलाउंस की मंजूरी, एरियर की राशि खातों में आई
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे हजारों कर्मचारियों को इसी सप्ताह दशहरे पूर्व बोनस का लाभ मिला। लेकिन ट्रैकमैन कर्मचारियों को 17 हजार रुपए एरियर राशि का अतिरिक्त तोहफ़ा मिला है। यह राशि ट्रैकमैन कैटिगरी को साइकिल अलाउंस के एरियर के रूप में दी जा रही है। उन्हें हर माह यह राशि मिलने लगेगी।
बता दें कि रोज लाखों रॉल यात्रियों को समय पर गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने में ट्रैकमैन कर्मचारी रेल परिचालन की रीढ़ माने जाते है। रेलवे में सर्वाधिक मेहनतकश कैटेगिरी भी केवल ट्रैकमैन ही है। इनकी दुश्वारियों की फेहरिस्त भी तमाम है। बावजूद इनका वेतन सीमित व सुविधाएं बेहद ही अल्प है। साइकिल अलाउंस जैसी छोटी लेकिन अहम मांग भी लंबित थी। इसे लेकर इसी माह ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन (एआईआरटीयू) के पदाधिकारी डीआरएम से मिले थे। मांग पूरी होने पर अब पदाधिकारियों ने डीआरएम अश्वनी कुमार का आभार माना।

ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन रतलाम के मंडल मंत्री राजेश यादव ने बताया कि रेलवे बोर्ड द्वारा 11.08.2017 में ट्रेकमेंटर्स के लिए 180 रुपए प्रतिमाह साइकिल अलाउंस को घोषणा की गई थी। लेकिन इसका लाभ नहीं मिल रहा था। इसे लेकर हमारी यूनियन के पदाधिकारियों ने डीआरएम को लिखित ज्ञापन दिया था। इस मामले को एडीआरएम अक्षय कुमार ने गंभीरता से लेकर मामले को संज्ञान में लाकर जोन स्तर पर चर्चा कर निदान किया। अनाउंस भुगतान तथा एरियर का पत्र जारी होने के बाद ट्रैकमैन कर्मचारी के खाते में 2017 के बाद एरियर राशि के रूप में 17-17 हजार रुपए आने शुरू हो गए है। जावरा सेक्शन में कर्मचारियों को इस माह से भुगतना भी हो गया है। अब हर माह 180 रुपए साइकिल अलाउंस मिलने लगेंगा।
इसलिए जरूरी है साइकिल अलाउंस:- रेलवे के दुर्गम एरिया से होते हुए सेक्शनों में जाने के लिए ट्रैकमैन को साइकिल का उपयोग करना होता है। सेक्शन तक पहुंचने के उनके लिए कई पगडंडी वाले मार्ग में साइकिल के अलावा किसी अन्य वाहन का विकल्प भी नहीं रहता है। इसलिए दशक से साइकिल अलाउंस की मांग की जा रही थी। वर्ष 2017 में इसकी मंजूरी भी हुई। ट्रैकमैन यूनियन द्वारा इसकी लड़ाई के बाद अब इसे धरातल पर लागू किया गया।
