न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। सफाई के अभाव में सीआरबी (रेलवे बोर्ड चेयरमैन) की फ़टकार के बाद रेलवे स्टेशन पर चलाए गए स्वच्छता अभियान को हल्के में लेना सीएचआई को भारी पड़ गया। सीनियर डीएमई (यांत्रिकी) भजनलाल मीणा ने इस कर्मचारी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
बता दें कि पूरे भारतीय रेलवे महकमे में किरकिरी झेल चुके रतलाम रेल मंडल प्रशासन थोड़ा बहुत एक्शन में इसलिए आया कि पश्चिम रेलवे मुख्यालय से दो अधिकारी विशेष तौर तौर पर सफाई का जायजा लेने रतलाम आए। दो दिन तक प्लेटफॉर्म नंबर 7 की ओर सफाई का प्लान बनाया। तब जोन के अधिकारी के साथ मंडल के अधिकारी भी अपने-अपने लक्झरी चेम्बर्स से निकलकर रेलवे स्टेशन जा पहुंचे। किसी ने मशीन चलाई तो किसी ने झाडू पकड़ी। कोई तो नली से धुलाई भी करता दिखाई दिया।
इस बीच सफाई के ही लिए नियुक्त सीएचआई ने अपने ही काम में गंभीरता नहीं दिखाई।
काम छोड़ बीच में ही चल दिए सीएचआई:- जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को जब स्टेशन पर जोन के अधिकारियों के साथ सफाई अभियान चलाया जा रहा था। तब सीएचआई विनोद बैरागी बीच में सफाई छोड़कर किसी काम से चले गए। बाद में इन्हें तलब किया तथा सीनियर डीएमई ने इन्हें लताड़ लगाई। शनिवार को इनके निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। बताया जा रहा कि इस दौरान सीएचआई ने सिक पर उतरने का प्लान बनाया। लेकिन प्लानिंग ज्यादा चल नहीं सकी। दूसरी ओर बड़ी बात है कि महिला सीएचआई प्रियंका मिश्रा सफाई के दौरान पूरे समय डटी रही। जबकि महिला सीएचआई के जिम्मे परिवार के अलावा खुद के छोटे बच्चें के पालन का अतिरिक्त भार है।
सफाई में ठेकेदार कर्मचारी कम:- रेलवे स्टेशन पर सफाई के नए टेंडर में ठेकेदार के पर्याप्त कर्मचारी की तैनाती नहीं है। दो दिन की सफाई में रेल अमल सहित बाहरी व्यक्ति ज्यादा दिखाई दिए। वहीं ठेकेदार के कर्मचारी तुलनात्मक कम। फर्म द्वारा पिछली बार की तुलना जोड़तोड़ कर करीब 25 प्रतिशत निचली दर पर टेंडर लिया। ऐसे में रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था कैसे दुरुस्त होगी यह विचारणीय है।
