अलर्ट का अवॉर्ड… पैनी निगाह से टाल रहे हादसे गगन, ट्रेन के नीचे से गिट्टी उड़ रही थी, सूझबूझ से गाड़ी रुकवाई और फिर….
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल मुख्यालय पर कार्यरत वरिष्ठ ट्रेन मैनेजर गगन छपरी (गार्ड) ट्रेन में केवल वर्किंग को ही अपनी ड्यूटी नहीं मानते। बल्कि हजारों यात्रियों की जान की परवाह करना इनकी ड्यूटी का नियमित हिस्सा है। गगन ने हाल ही में यात्री गाड़ी में तकनीकी समस्या के चलते गिट्टी उड़ने की समस्या को पैनी निगाह से देखा। इसे दुरुस्त करवाया। बाद में ट्रेन रवाना की। इसके लिए इन्हें डीआरएम द्वारा अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
बता दें कि इससे पहले भी गगन ने मालगाड़ी में आग की लपटें निकलती देख सूझबूझ से काम लिया था। उस दौरान भी सम्मानित किया गया।
केस-1
24.06.2025 को ट्रेन संख्या 12903 मेल एक्सप्रेस में वर्किंग के दौरान गगन को रामगंज मंडी स्टेशन आते हैंगिंग पार्ट का आभास हुआ। फ़ौरन स्टेशन मास्टर को सूचना की। पाइंट्समैन की सहायता से हैंगिंग पार्ट को खोजा। जिसके कारण गिट्टी उड़ने की आवाज़ आ रही थी। इसे तार से बांधा गया। ट्रेन 7 मिनिट लेट हुई। इसे कोटा पंचूलिटी को नोट कराया गया। हैंगिंग पार्ट पॉइंट में अटककर पॉइंट तोड़ सकता था या अन्य दुर्घटना संभावित थी। इससे ट्रेनों का आवागमन बाधित होना तय था।
केस-2
ट्रेन मैनेजर गगन ने पूर्व के अन्य मामले में आगे मालगाड़ी से आग की लपटें निकलती देखी। तब उसने तुरंत ही वॉकीटॉकी से संपर्क कर अपनी पैसेंजर ट्रेन को मालगाड़ी के पहले ही कुछ दूरी पर रुकवाकर एक और हादसा टाला
यह मामला 1 जून 2024 का था। तब गगन अप ट्रेन संख्या 19020 की ड़यूटी पर थे। रामगंज मंडी और झालावाड रोड के मध्य गोलाई में उन्होंने देखा कि झालावाड रोड स्टेशन की तरफ से आग के गोले उठ रहे है। उन्होंने अपने कार्य के प्रति निष्ठा दिखाते हुए तुरंत लोको पायलट को वॉकी टॉकी पर निर्देशित कर गाड़ी तुरंत खड़ी करवाई। ट्रेन काफी समय से खड़ी होने के कारण यात्री पास वाली लाइन पर आ गए। यात्रियों का व्यवहार भी उग्र हो गया। जिसे विनम्रता एवं संतोषजनक जवाब देकर समझया गया। उस दौरान पूर्व एडीआरएम अशफ़ाक़ अहमद के हाथों इन्हें सम्मानित किया था।
