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86.21 प्रतिशत मतदान के बीच दिनभर चला कयासों का दौर, संगठनों के दावे-हमारी एकतरफा जीत

-दूसरे दिन मंदी रही हलचल, अधिकारी भी अन्य शासकीय कामों में उलझे रहे।


न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे यूनियन की मान्यता के लिए सीक्रेट बैलेट चुनाव में दूसरे दिन तक 86.21 प्रतिशत मतदान हुआ। जैसे-जैसे दिन गुजरता गया, वैसे संगठनों के पदाधिकारियों के बीच कयासों का दौर भी खूब चलता रहा। सभी अपने-अपने संगठन के अव्वल रहने व जीत के दावे करते दिखाई दिए। पदाधिकारी यहां तक कहते पाए गए कि हमने खूब मेहनत की है। इस बार उनका सूपड़ा साफ है।
माहौल की बात करें तो पहले दिन की अपेक्षा दूसरे दिन गुरुवार को हलचल कम रही। वहीं अधिकारी भी अन्य शासकीय कामों में व्यस्त रहे। बल्कि पेटियां जमा करने का काम निचले अधिकारी करते है।


हलचल सामान्य रहने से संगठन के पदाधिकारियों ने बूथ पर बैठकर कर्मचारियों से फोन पर संपर्क कर उन्हें मतदान के लिए आने की अपील की। तीसरे दिन 6 दिसंबर को रनिंग कर्मचारियों के मतदान के लिए अतिरिक्त दिन रहेगा। ऐसे में रेलवे स्टेशन पर विशेष तौर पर चुनावी माहौल दिखाई देगा।

चार कर्मचारियों को नहीं मिले बैलेट

रतलाम से उदयपुर ट्रैनिंग के लिए गए चार कर्मचारियों को वोट से वंचित होना पड़ा। बताया जा रहा कि रतलाम में कार्मिक विभाग द्वारा इसके लिए पूर्व में उदयपुर ट्रेनिंग सेंटर पर बैलेट पेपर उपलब्ध कराने की मंजूरी मांगी थी। उदयपुर से पश्चिम रेलवे जोन मुख्यालय लेटर फॉरवर्ड किया गया। लेकिन मतदान के दूसरे दिन तक मुख्यालय से इसकी मंजूरी नही मिली। ऐसे में कर्मचारियों को मतदान से वंचित होना पड़ा।

एक ही संगठन के कर्मचारियों में मारपीट की खबर

इधर, मतदान के दौरान विवाद की भी सूचना मिली है। बताया गया कि घटला पोलिंग बूथ पर एक ही संगठन से जुड़े कर्मचारियों में विवाद में बाद हाथापाई को नौबत तक आ गई। संगठन के मंडल अध्यक्ष द्वारा बीच बचाव के प्रयास भी किए। मशक्कत के बाद मामला शांत ही सका।

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