न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम/मंदसौर। पश्चिम रेलवे महाप्रबंधक (GM) रामाश्रय पांडेय के हालिया रतलाम मंडल दौरे के दौरान मंदसौर रेलवे स्टेशन पर लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। निरीक्षण के दौरान जीएम ने जब स्टेशन परिसर और शौचालयों में भारी गंदगी देखी। तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित कमर्शियल इंस्पेक्टर (CMI) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के मौखिक निर्देश दिए थे। हालांकि, विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस बात को दो दिन बीत जाने के बाद भी रेल मंडल प्रशासन द्वारा निलंबन के लिखित आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
महाप्रबंधक के मौखिक आदेशों के बावजूद अब तक कार्रवाई न होना रेलवे महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने लगा है। मंडल स्तर पर अफसरों की यह सुस्ती यह दर्शाती है कि शीर्ष अधिकारियों के निर्देशों का पालन कराने में कितनी ढिलाई बरती जा रही है।
बता दें कि जीएम पांडेय के निरीक्षण के दौरान रेलवे के सीनियर अफसर साथ थे। लेकिन कमर्शियल विभाग की ओर से डीसीएम अमले में शामिल हुए थे।
निरीक्षण में खुली थी दावों की पोल:- दो दिन पूर्व जीएम के रतलाम मंडल दौरे के तहत मंदसौर रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान यात्री सुविधाओं और साफ-सफाई की स्थिति बेहद बदहाल पाई गई। विशेष रूप से शौचालयों में फैली गंदगी को देखकर जीएम ने ऑन-द-स्पॉट जवाबदेही तय करते हुए सीएमआई को सस्पेंड करने के निर्देश दिए थे।
आदेश का इंतजार, चर्चाओं का बाजार गर्म:- आमतौर पर महाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों के निर्देशों पर तत्काल अमल किया जाता है। लेकिन दो दिन बाद भी रेलवे विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी न होना चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि रेल मंडल प्रशासन इस मामले में कब तक लिखित आदेश जारी करता है या फिर मामला ठंडे बस्ते में ही पड़ा रहेगा।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि सीएमआई पिछले 15 सालों से मंदसौर-नीमच में नियुक्त है। जबकि रतलाम के सीएमआई की प्रॉपर्टी की देखभाल के काम भी इन्ही मंदसौर सीएमआई के जिम्मे है। आशंका जताई जा रही हैं कि इस सांठगांठ का असर हो सकता है कि अभी तक अधिकारी द्वारा निलंबन आदेश जारी नहीं किए गए।
