इरफ़ान यानी रेल, खेल व संगीत का त्रिवेणी संगम…जुनूनी शौक, घनिष्ठ यारीबाजी व उम्दा ईमानदार छबि के इर्द-गिर्द निकले 40 साल
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे सीटीआई रहे इरफ़ान खान जैसे बिरले ही व्यक्तित्व के लोग रहते है। जिन्हें हर परिस्थिति से जूझकर मौज में रहने व हर शौक को हुनर में तब्दील करने की महारथ रहती है। इरफान ने रेलवे ड्यूटी के लगभग 40 सालों को बखूबी जीया है। आत्मा से खेल और संगीत में रचे-बसे इरफ़ान दोस्तों के बीच यारबाजी के भी खूब चर्चे रहे। इन सबके बीच ईमानदारी व सहयोगी व्यवहार के चलते इन्हें रेलवे ने जिम्मेदार व्यक्ति बनाया। इसलिए रेलवे में चैकिंग की ड्यूटी को सबसे उनके प्राथमिकता में रखा। यहीं वजह है कि इरफान भाई के दोस्तों, परिचितों और पारिवारिक संबंधों की फेहरिस्त हमेशा लंबी रही। अप्रैल 2026 माह के आख़री दिन गुरुवार को जब ये अपनी ड्यूटी पूरी कर रिटायर्ड हुए। तब बिदाई पार्टी में ऐसा ही नज़ारा देखा गया।

दरअसल शेख इरफ़ान अहमद रेलवे में
26 जनवरी 1987 दिन रेलवे से जुड़े और अपने रेल सफर की शुरुआत की। 39 वर्ष 3 माह की नौकरी में 25 माह तक यात्रियों के रेल टिकिट चेकिंग की ड्यूटी निभाई। खेल व संगीत से खूब इत्तेफाक रखने के बावजूद इनकी ड्यूटी ही प्राथमिकता रही। इसलिए अनेक बार डीआरएम अवॉर्ड मिले। अपने वर्किंग रूटीन का तालमेल ऐसा जमाया कि ड्यूटी के बाद इरफान खेल मैदान पर आसानी से उपलब्ध होते दिखाई देते रहे। इन्हें क्रिकेट व फुटबॉल की प्रैक्टिस, इवेंट व अन्य टूर्नामेंट के आयोजन में सहभागिता आम रूप से देखी गई।

रिटायर्ड होने के एक दिन पहले भी इन्होंने बच्चों के बीच समय गुजरा। इन सबके बीच गायन के शौक की शुरुआत हुई तो इसे तनाव मुक्ति से जोड़ते हुए संगीत में जीना शुरू किया। वर्तमान में इरफ़ान कई सिंगिंग ग्रुप के सदस्य व अनेक सिंगर्स इनके साथी हो चले है। रिटायरमेंट के दौरान डीआरएम अश्वनी कुमार ने इनका सम्मान किया।

