रेलवे सीसीटीसी पदोन्नति परीक्षा का माहौल…नोटिफिकेशन जारी होने के बाद बढ़ी हलचलें, आकाओं की खोजबीन में जुटे
– शंटिंग मास्टर परीक्षा का पैनल निरस्त करने का मुद्दा गरम।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। ट्रेनों में यात्रियों के टिकटों की चेकिंग करने वाले रेलवे सीसीटीसी कैडर कर्मचारियों के लिए एक राहतभरी खबर ने इनमें हलचलें तेज कर दी है। दरअसल रेल प्रशासन द्वारा डिप्टी सीटीआई सहित अन्य पद पर पदोन्नति के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। टिकट चेकिंग कर्मचारी हर हाल पदोन्नति की परीक्षा में टिकिट चेकिंग में डिप्टी सीटीआई पद ही पाना चाह रहे हैं। इसलिए सभी अपना-अपने आकाओं की खोजबीन में जुट गए हैं। वहीं उन्होंने टिकिट चेकिंग में अपना निजी रेवेन्यू टारगेट भी बढ़ा दिया है।
दूसरी और ऑपरेटिंग विभाग के तहत शंटिंग मास्टर पद के लिए हुई विभाग की परीक्षा के बाद पात्र कर्मचारी का पैनल निरस्त कर दिया गया। इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का माहौल गर्म है। जबकि परीक्षा निरस्त होने के पीछे भ्रष्टाचार से जुड़ी चर्चा भी आमतौर पर की जा रही हैं।
98 पदों के लिए होना है परीक्षा:- कमर्शियल विभाग के तहत सीसीटीसी कैडर से डिप्टी सीटीआई पद (2000-2800-4200 ग्रेड पे) पर 98 पदों पर पदोन्नति के लिए विभागीय परीक्षा होनी है। परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाने है। लेकिन इसका सिलेबस बहुत ही कठिन बताया जा रहा है। परीक्षा में पात्र कर्मचारियों में से कुछ को चेकिंग में डिप्टी सिटी बनाए जा सकता है। जबकि कुछ को बुकिंग सहित अन्य पद पर भी नियुक्ति दी जाएगी। लेकिन अधिकांश चेकिंग कर्मचारी की मंशा है कि उन्हें डिप्टी सीटीआई पद ही मिले। इसलिए वह अपने-अपने आकाओं के संपर्क में जुट गए है, जो उनकी नैना पार करवा सकें। ऐसे में कई कर्मचारी तो मोटी रकम देने को भी तैयारी में है।

शंटिंग मास्टर परीक्षा का पैनल रद्द करने की वजहों की चर्चा गर्म:- इधर 13 अप्रैल को शंटिंग मास्टर पद के लिए हुई विभागीय परीक्षा के बाद पात्र कर्मचारी का तैयार पैनल निरस्त कर दिया गया है। इसके पीछे की वजहों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। कोई पैनल निरस्त करने के पीछे वरिष्ठता की तकनीकी खामी बता रहा है। जबकि भ्रष्टाचार की लिप्तता उजागर होने के चलते परीक्षा निरस्त किए जाने की चर्चाएं भी खूब हो रही है। इसे लेकर गुरुवार से ही सोशल मीडिया पर भी भ्रष्टाचार को लेकर तंज कसे जा रहे है। आम चर्चा यह भी है कि कुछ अपात्र कर्मचारियों ने सीनियर डीपीओ से शिकायत की है कि चयनितों में से कुछ पात्र कर्मचारियों ने एक कर्मचारी नेता को रिश्वत दी है। जब पात्रों से इसके बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने इसे नामजद स्वीकार किया है। भ्रष्टाचार मुक्त सिस्टम तथा प्रकिया को पारदर्शी बनाने के चलते रेल प्रशासन द्वारा पूरे पैनल को ही निरस्त कर दिया है।
