न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे के कमर्शियल विभाग में कागज़ी प्रकिया के घोड़े सुस्ताने लगे है। यह मामला कर्मचारियों के पीरियोडिकल ट्रांसफर लिस्ट से जुड़ा है। विभाग ने वर्तमान सत्र में कर्मचारियों की पीरियोडिकल तबादला की लिस्ट जारी नहीं की गई है। इससे अपने बच्चों के स्कूली एडमिशन सहित इससे जुड़ी तैयारियों के लिए कर्मचारी मुंह ताके इंतज़ार में बैठे है। वहीं सभी विभागों के तबादला प्रकिया को अंजाम देने वाले कार्मिक विभाग में भी कई कर्मचारी पीरियोडिकल तबादलों से वंचित हैं तथा हर दिन राहत के गुजार रहे हैं।
बता दें कि कमर्शियल विभाग में कर्मचारी मंडल के विभिन्न मुख्यालय स्टेशनों पर कार्यरत है। इनके लिए स्कूली सत्र प्रारंभ होने से पहले तबादला प्रकिया होना जरूरी है। यदि इसमें देरी होती है तो उन्हें बच्चों के एडमिशन के लिए मशक्कत करना पड़ती है।
मामले में कर्मचारियों का कहना है कि हर बार मार्च के पहले सप्ताह या मध्य में लिस्ट जारी कर दी जाती है। लेकिन इस बार अप्रैल का आधा माह गुजरने के बाद भी टिकिट चेकिंग, कमर्शियल क्लर्क सहित अन्य स्टेशनों पर कार्यरत कर्मचारियों की तबादला लिस्ट जारी नहीं होने से वे चिंतित है।
कार्मिक विभाग में एक सेक्शन की एक ही टेबल पर लंबा समय गुजारा:- दूसरी ओर सभी विभागों में पदोन्नति सहित अन्य तबादलों की प्रकिया को अंजाम देने वाले कार्मिक विभाग में ही पीरियोडिकल तबादलों में पारदर्शिता का अभाव बताया जा रहा है। वेलफेयर सेक्शन के अलावा विभाग के अन्य कई सेक्शन है, जहां कर्मचारी एक ही टेबल पर लंबे समय से कार्यरत है। हर बार अधिकारी के चहेते रहने से वे तबादलों की प्रकिया से वंचित हो जाते है।
इसके अलावा भी एसएंडटी, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिक पावर, ऑपरेटिंग विभाग में पीरियोडिकल तबादले अटके पड़े है। पूर्व डीआरएम रजनीश कुमार ने इंजीनियरिंग विभाग में तबादलों के बाद रिलीविंग कार्रवाई न होने पर संबंधित अधिकारी को आड़े हाथ लिया था। वहीं दूसरे दिन ही कर्मचारियों के तबादलों के बाद रिलीव करने के लिए बाध्य किया था। कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान में विभागीय स्तर पर खूब मनमानी की जा रही हैं।
