पदोन्नति परीक्षा में अनदेखी या मनमानी….रेलवे शंटिंग मास्टर का पैनल निरस्त, असिस्टेंट लोको पायलट का ताबड़तोड़ जारी

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे में पदोन्नति के लिए आयोजित परीक्षा में मनमानी तथा अनियमिता के आरोपों के बाद परीक्षा तथा इसके आयोजन व्यवस्था को लेकर प्रश्न खड़े होने लग गए हैं।
रेलवे में शंटिंग मास्टर पद पर पदोन्नति के लिए आयोजित परीक्षा के बाद जारी किया पैनल निरस्त कर दिया गया। इसलिए परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों में जमकर आक्रोश है। वही दूसरी ओर असिस्टेंट लोको पायलट की विभागीय परीक्षा में मनमानी के आरोप लगे है। बावजूद सूची जारी कर चयनितों के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर दी गई।
दरअसल रेलवे द्वारा 1 अप्रैल 2026 को शंटिंग मास्टर के 26 पदों के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें 198 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। पिछले दिनों इसके रिजल्ट के साथ ही पैनल जारी किया गया था।
चयनित अभ्यर्थियों को निराशा हाथ लगी, जब 13 अप्रैल 2026 को अपरिहार्य कारणों का हवाला देते प्रशासन ने एक आदेश कर पूरी परीक्षा ही निरस्त कर दी गई। चयनितों का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है कि परीक्षा किन कारणों से निरस्त की गई। इसके लिए डीपीओ भागराम मीणा द्वारा आदेश जारी किया गया। इस मामले में वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के मंडल मंत्री मनोहर सिंह बारठ ने कहा कि शंटिंग मास्टर परीक्षा निरस्त किए जाने के विषय मे अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। कर्मचारियों के हित में जो भी बेहतर होगा। इसके लिए हम प्रयास करेंगे।
विरोध के बाद भी सहायक लोको पायलट में मनमानी के आरोप:- इधर, रेल प्रशासन द्वारा पिछले सप्ताह सहायक लोको पायलट की परीक्षा के जारी रिजल्ट का जमकर विरोध हुआ। इसके बाद भी ताबड़तोड़ कार्रवाई कर ट्रेनिंग की तारीख भी जारी कर दी। मनमानी का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों का कहना है कि परीक्षा के बाद क्वालीफाई कर्मचारियों का मेडिकल सहित साइको टेस्ट परीक्षा हुई। लेकिन इसकी सूची जारी करे बगैर ट्रेनिंग के आदेश जारी कर दिए। कर्मचारियों का कहना है कि नियमों से यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें कितने अंक दिए गए।
