Logo
ब्रेकिंग
शहर की स्थिति हाल-बेहाल....अव्यवस्था के खिलाफ कलम को हथियार बनाएं पत्रकार- शरद जोशी नहीं दबा सकेंगे अब महिला रेलकर्मियों की आवाज़..... यौन उत्पीड़न की शिकायत मोबाइल पर ही दर्ज करा सकेंग... टीमों का ऑक्शन कंप्लीट.....14 टीमों के 220 खिलाड़ियों के बीच होंगे 46 मुकाबले रेल यात्राओं की अनियमितता, उभरने लगे पुराने जख्‍म....राम जी के भक्‍तों को भी नहीं छोड़ा, फर्जी अवकाश... ऐसे पहुंचा दिया जाएगा फर्म विशेष को लाभ?....टेंडर की शर्तें एवं एस्टीमेट गोलमाल, रेलवे कमर्शियल डिपा... अधिकारियों में चढ़ा होली का ऐसा रंग....कलेक्टर मेडम खूब थिरकी, डीआरएम ने गले लग उड़ाया गुलाल ट्रेन के वॉशरूम में जज की पत्नी की मौत, पति स्टेशन पर करते रहे इंतजार, दरवाजा तोड़कर निकाली लाश रॉयल कॉलेज एवं अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की अनूठी पहल ..... 'सात्विक होलिका' का दहन, पर्यावरण संरक्ष... राष्ट्रीय कार्यकारिणी का विस्तार....अनिल पुरोहित अखिल भारतीय गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय ... स्नेह, सहयोग से तीन वर्षों का सफल सफर..1095 दिनों तक पाठकों का प्यार, राह पर चलने की मिलती रही ताक़त

नहीं दबा सकेंगे अब महिला रेलकर्मियों की आवाज़….. यौन उत्पीड़न की शिकायत मोबाइल पर ही दर्ज करा सकेंगी…. रेलवे लांच कर रहा ‘मॉड्यूल’

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। महिला रेलकर्मी अपने कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायत अब सीधे मोबाइल एप के माध्यम से रेलवे के शीर्ष मैनेजमेंट तक पहुंचा सकेंगी। रेलवे बोर्ड इसके लिए ‘सेक्सुअल हैरेसमेंट इंसीडेंट नोटिफिकेशन फार इंपावरमेंट’ (SHINE- शाइन) मॉड्यूल तैयार किया है। यह ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) से संचालित होगा। इस मॉड्यूल के माध्यम से सभी महिला रेलकर्मी कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करा करा सकेंगी। आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रेलवे इस मॉड्यूल को लांच कर रहा है। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने जोनल से लेकर डिवीजन स्तर पर दिशा-निर्देश जारी किया है। रतलाम मंडल में कई मामलों में समझौता प्रणाली अपनाई गई। लेकिन अब मामला गोपनीय तरीके से सीधे बोर्ड स्तर पर संज्ञान में आएगा।

ऐसे आगे बढ़ेगी शिकायत :- ‘सेक्सुअल हैरेसमेंट इंसीडेंट नोटिफिकेशन फार इंपावरमेंट’ मॉड्यूल पर मिलने वाली शिकायतें नामित कमेटी को आनलाइन चली जाएगी। इस सिस्टम में महिला रेलवे कर्मचारियों के अलावा दूसरे लोगों के लिए भी शिकायत का विकल्प मौजूद है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस माड्यूल का इस्तेमाल कर कान्ट्रैक्टर पर काम करने वाले कर्मचारी, मजदूर आदि भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को यथाशीघ्र आंतरिक शिकायत समिति का गठन करने और यौन उत्पीड़न मामलों के निष्पादन के लिए अधिकारियों को नोमिनेट करने को कहा है। माड्यूल पर आयी शिकायतों के निष्पादन की प्रक्रिया भी एचआरएमएस पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी।
वर्तमान में महिला कर्मचारियों को होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायतों को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर अलग-अलग कमेटियां संचालित हैं. रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी जोन व इकाइयां नई सुविधा की जानकारी कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों के बीच साझा करें, ताकि जरूरत पड़ने पर वे इस प्रणाली का उपयोग कर शिकायत दर्ज करा सकेंगी।

महिलाओं से समझौते कर शिकायतें लेने का दबाव:- अब तक मंडल स्तर पर कमेटियां बनी है। सेक्सुअल हैरेसमेंट की शिकायतें आने के बाद अधिकारी स्तर पर समझौते के लिए दबाव बनाया जाता है। रतलाम मंडल में विभिन्न सेक्शनों में एक साल में लगभग आधा दर्जन पीड़ित महिलाओं द्वारा शिकायतें की गई है। लेकिन इसमें पीड़ित पक्ष को समझा दिया गया। दूसरी ओर शिकायत के आरोपित पुरुषों द्वारा यह बयान में दावे किए जाते रहे कि शासकीय काम को समय पर पूरा न करने, लेट ऑफिस आने को रोकटोक के चलते उनकी शिकायत की गई। ऐसे झूठे बयानों के जरिए मामला अपने पक्ष में करने के जांच अधिकारी पर दबाव डाला जाता रहा है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.