Logo
ब्रेकिंग
डीपी को लेकर तक़रार, हाई वोल्टेज खतरा बरकरार.... आश्वासन को भूले बिजली अधिकारी, बोले-डीपी तो अब वहीं ... जीएम साहब, डबलिंग प्रोजेक्ट पूरा, यात्री सुविधा सुलभ तो कीजिए....रतलाम-भिंड-रतलाम एक्सप्रेस नीमच तक ... रतलाम में दिव्य दरबार....पर्ची खुलेगी, अर्जी लगेगी, 4 से 10 जून तक गौ कथा का आयोजन नशे की हालत में टीटीई का ड्रामा...पहले वाहन चालकों को कार से टक्कर मारी, फिर जीआरपी चौकी पर हाई वॉल्... कुत्तों का आतंक, रिटायर्ड बुजुर्ग प्रहलाद सिंह राठौर का निधन....नातिन की स्कूटी पर पीछे सवार थे, कुत... मां की याद में अपनी ही फ़िल्म का फ्री प्रदर्शन... सिंधी फ़िल्म "पांहिजो त हिकरो ही यार आ” देखने पहुंचे... 30,000 पदों के सरेंडर का विरोध....पीआरकेपी टीम पहुंची मुंबई, चर्चगेट पर धरना व जीएम को सौंपा ज्ञापन 38 सालों तक मन हरते रहे हरीश.... मृदुल व्यवहार से जीता सभी का दिल, बैडमिंटन खेल से रेलवे को पहचान दि... रेलवे ट्रैक बना गंदा नाला....ठेकेदार को परवाह, न अधिकारियों का ध्यान, नाक-भौं सिकोड़ रहे रेल यात्री डीआरएम के चेंबर में गूंजा वंदे मातरम.... डीआरएम अश्वनी कुमार बोले- यह केवल गीत नहीं, बल्कि देश की आत...

श्रीमद् भागवत कथा का समापन…. मित्र तो श्मशान तक ही जाते, व्यक्ति के धर्म-कर्म साथ जाते हैं

-अंतिम दिन रविवार को कथा में पंडित शास्त्री सलिल ने श्रद्धालुओं से कहा।

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। व्यक्ति के अंतिम समय में भले ही मित्र शमशान तक साथ जाते हैं। शरीर चिता में चला जाता है। किंतु उसके धर्म व कर्म ही साथ ऊपर तक साथ जाते हैं।
यह बात राजस्व कॉलोनी स्थित लॉयंस हाल में चल रही राधादेवी दामोदरदास तिवारी स्मृति संगीत में श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन रविवार को कथा वाचक पंडित डॉ. संजय शास्त्री सलिल ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहीं।


कथा के प्रारंभ में पोथी पूजन राजेश तिवारी, ममता तिवारी, दिव्यांश तिवारी, श्रेयांश तिवारी ने किया। पंडित सलिल ने कहा कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को नहीं देखा जाता हैं। भगवान ने जब भादो की चतुर्थी का चंद्रमा देखा तो चंद्रमा खिल-खिला कर हंसने लगा था। तब भगवान ने चंद्रमा को श्राप दिया कि चतुर्थी के दिन यदि आपको कोई देखेगा तो उस पर झूठा कलंक लग जाएगा। तब चंद्रमा द्वारा प्रार्थना करने पर भगवान ने यह उपाय बताया कि जो व्यक्ति चतुर्थी का चंद्रमा देख लेगा किंतु एक पत्थर चंद्रमा की तरफ देख कर फेंकेगा तो वह कलंक से बच जाएगा। लेकिन शर्त यह रहेगी कि वह पत्थर किसी को नुकसान नहीं पहुंचाए।


पंडित सलिल ने कथा में आगे कहा कि भगवान श्री कृष्ण की आठ पटरानियां थी। जब उन्होंने भोमासर को मारकर 16000 कन्याएं को मुक्त कराया। तब उन सभी कन्याओं से विवाह कर लिया। इस तरह भगवान की 16008 पत्नियां थी। उनकी ये पत्नियों वेद की ऋचाएं व यंत्र थी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के गृहस्थी में यदि कोई बाहर का तीसरा व्यक्ति जरूरत से ज्यादा दखल देने लगता है तो ऐसे व्यक्ति का गृहस्थ जीवन नष्ट हो जाता है। वर्तमान में लोग अपने जूते चप्पल रसोई घर तक ले जाने लगे हैं।

इससे रसोई की बरकत और पवित्रता नष्ट होने लगी हैं।
कथा के समापन पर नागरिकों ने राजेश तिवारी, ममता तिवारी, दिव्यांश तिवारी, श्रेयांश तिवारी का शाल-श्रीफल से अभिनंदन किया। इस अवसर पर अखंड ज्ञान आश्रम के देव स्वरूपानंद जी, इप्का के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट दिनेश सियाल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, श्री गुर्जर गौड ब्राह्मण महिला नगर सभा अध्यक्ष सविता तिवारी, समाजसेवी प्रमोद व्यास, मनोहर पोरवाल, राजेंद्र शर्मा, नवनीत सोनी, नवीन व्यास, सुनील पोरवाल, लादूराम बोहरा, अमर सारस्वत,कपिल व्यास, अनिल पुरोहित, अनीता पाहुजा, राखी व्यास, सुनंदा पंडित सहित नागरिक मौजूद थे। तिवारी परिवार ने कथा में सहयोग करने वाले सभी का सम्मान किया तथा आभार माना। अंत में आरती कर प्रसादी वितरित की गई। संचालन विकास शैवाल ने किया। यह जानकारी राकेश पोरवाल ने दी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This will close in 0 seconds