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ऐसी अफसरशाही….रेलवे क्वार्टर्स मेंटेनेंस में रस्म अदायगी…हक के लिए बोलने की सज़ा, जिसने शिकायत की, उसका काम और लंबित

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेल यात्री सहित रेलवे कर्मचारियों की नियमों के तहत अनिवार्य सुविधाएं के रेलवे बोर्ड के निर्देश है। बावजूद क्वार्टर मेंटेनेंस को लेकर इन नियमों की खूब धज्जियां उड़ाई जा रही है। ट्रेड यूनियनों की उदासीनता के चलते अफ़सर तानाशाह बन बैठे। वे और भी अनदेखा रवैया अपनाने लगे है। यहीं वजह है कि क्वार्टर्स के मेंटेनेंस को लेकर सिस्टम लचर है। जिम्मेदार गंभीर नहीं है। हालात यह है कि किसी कर्मचारी ने यदि अपनी जायज शिकायत दर्ज करवा दी। तब उसका काम प्राथमिकता से करने के बजाय और लंबित कर फाइल टांग दी जाती है। उसके बाद उस कर्मचारी की आईओडब्ल्यू ऑफिस से लेकर अधिकारी के पास चक्कर काटने की मानसिक प्रताड़ना शुरू हो जाती है।


दरअसल रेल मंत्रालय के जारी सालाना फंड का उपयोग दोयम दर्जे की सड़क निर्माण से लेकर अफसरों के बंगलों सुविधायुक्त बनाने तक सीमित है। लेकिन रेलवे कॉलोनियों के आवासों की स्थिति बद से बतदर व वहां के इंतजाम खस्ताहाल होने लगे है। इन कामों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार इंजीनियरिंग विभाग के अफसर केवल अफसरशाही में लीन है। परिषद के जोनल महामंत्री शिवलहरी शर्मा का कहना है कि कर्मचारियों से जुड़े आंदोलन और तेज कर नींद में सोए अफसरों को जगाने का काम करेंगे। जबकि यूनियन के मंडल अध्यक्ष ह्रदेश पांडे का कहना है कि कर्मचारियों से जुड़ी कई सुविधा के लिए यूनियन सजग है। यूनियन कई बार मांग कर चुकी हैं। आ आगे आंदोलन की भी रणनीति बनाई जा रही है।

शिक़ायत पर लीपापोती:- रेलवे कॉलोनियों में क्वार्टर्स मेंटेनेंस के ये हालात है कि रंगाई व पुताई तो दूर, रहने योग्य आवश्यक बुनियादी काम भी नहीं किए जा रहे है।
न्यू रेलवे कॉलोनी रोड नंबर 5 स्थित क्वार्टर नंबर 877-ए के रहवासी कर्मचारी ने शिकायत दर्ज करावाकर शायद बड़ी गलती कर दी है। इसलिए आईओडब्ल्यू विभाग की टीम ने आकर किचन में थोड़ी सी सीमेंट लगाई। बाकी सब अधूरा काम छोड़कर चलते बने। कर्मचारी के अनुरोध पर जिम्मेदार बोले कि हम तो इतना ही काम करेंगे।

ऐसे और भी कई उदाहरण है। जहां रहवासी कर्मचारी ने इंजीनियरिंग विभाग के जिम्मेदारों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर दी। महीनों बाद भी विभाग का अमला काम के लिए नहीं पहुंचा। इधर, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे नियम से क्रमवार काम करवा रहे है।

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