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लक्झरी चेंबर की चाह ने बढ़ाई गर्माहट, पारा तेज….सीनियर डीसीएम के ऑफिस चेंबर निर्माण में उलझे विभाग, अफसरों में वाकयुद्ध

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। गवर्नमेंट सेक्टर में बजट के लिहाज से बड़े विभाग रेलवे में नौकरशाही के साथ ही कारपोरेट सुविधाओं की चाह भी बढ़ती जा रही है। रतलाम रेल मंडल के डीआरएम ऑफिस में सीनियर डीसीएम हिना केवलरमानी के ऑफिस चेंबर को लक्झरी बनाने में विभाग का महकमा जुटा है। लेकिन इसमें और लक्झरी सुविधा जुटाने की बात को लेकर अब दो विभाग आमने सामने हो गए हैं। बुधवार को इन विभागों के अफसरों के बीच गर्माहट शुरू हो गई। कहासुनी के चलते विवाद का पारा तेज हुआ तो इसकी चपेट में सीएमआई भी आ गया।
दरअसल चार माह से सीनियर डीसीएम श्रीमती केवलरामानी के ऑफिस चेंबर को तोड़कर इसे लक्झरी रूप दिया जा रहा। सीनियर डीसीएम व डीसीएम के चेंबर के बीच की दीवार तोड़कर एरिया और बढ़ा दिया गया है। इससे कि चेंबर का आकार डीआरएम व एडीआरएम की तर्ज पर दिखाई दें। यहां तक उसमें अटैच वॉशरूम जैसी सुविधा से लबरेज़ किया जा रहा है।

यहां से शुरू हुई खींचतान:- विभाग के सूत्र बताते है कि सीनियर डीसीएम के ऑफिस को लक्झरी बनाने में दो दिनों से विभाग के अफसरों में मनमुटाव चल रहा है। वहीं इनके हिमायतदारों के बीच जमकर कहासुनी हो गई। दरअसल सीनियर डीसीएम के चेंबर में पर्याप्त रोशनी के लिए डीआरएम चेंबर जैसी सिलिंग लाइट लगाने की मांग इलेक्ट्रिक पावर विभाग से की गई। लेकिन सीनियर डीईई पावर लेफ्टिनेंट धर्मेंद्र कुमार ने सिलिंग लाइटिंग लगाने से साफ इंकार कर दिया। बात और बिगड़ी जब कमर्शियल विभाग के सीएमआई वैभव उपाध्याय ने सीनियर डीईई पावर धर्मेंद्र कुमार को सीधे फोन लगाकर सिलिंग लाइट लगाने को कह दिया। इस पर सीनियर डीईई पावर प्रजापति जमकर भड़क उठे और सीएमआई को आड़े हाथ ले लिया। सीनियर डीसीएम श्रीमती केवलरामानी को फ्रंट फुट पर आना पड़ा। इन्होंने सीनियर डीईई पावर प्रजापति से फोन पर चर्चा की। प्रजापति ने सिलिंग लाइट लगाने के लिए यह कहते हुए मनाही कर दी कि ऐसी सुविधा के लिए वे इंटाइटल (हकदार) नहीं है। यह सुविधा केवल डीआरएम चेंबर तक सीमित है।


इस मामले में सीनियर डीईई पावर धर्मेंद्र प्रजापति से जानकारी लेना चाही
लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इधर, इस मामले पीआरओ मुकेश कुमार पांडेय का कहना है कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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