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हनुमान ताल परिसर में इमसे सीखें श्रमदान….रिटायर्ड कर्मचारी आराम के बजाय कड़ी धूप में कर रहे सफाई, तालाब के आसपास का एरिया स्वच्छ

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। हमारे धार्मिक व प्राकृतिक महत्व के जलस्रोतों के संरक्षण लिए भले ही नगर निगम या जिला प्रशासन पर्याप्त फंड की योजना बनाए, बड़ी बात नहीं…। शहर के नागरिक अपना कर्तव्य समझते हुए स्वच्छता के लिए आगे आए, यह भी आम बात है…। लेकिन यदि रिटायर्ड कर्मचारी कड़ी धूप में ऐसे काम में सहभागिता निभाए तो इसे जनजागृति का बड़ा उदाहरण कहना लाज़मी है।


स्वच्छता अभियान के अंतर्गत रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी हनुमान ताल परिसर में श्रमदान कर सहयोग की अनूठी मिशाल पेश कर रहे है। इस उम्र में भी इन कर्मचारियों में मेहनत का जज्बा देखते बन रहा है। न गुटनों पर बल आ रहा तो नही उनकी कमर दर्द हो रही है। इनके सिर पर पसीना बहाते देख कुछ कम उम्र के महिला-पुरूष भी साथ देने आगे आने लगे हैं।
बता दें कि हनुमान ताल पटरी पार एरिया की करीब 100 से अधिक कॉलोनियों का भूजल स्तर संतुलित रखता है। साथ ही यह सौंदर्यीकरण के लिहाज से भी शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहीं वजह है कि नगर निगम द्वारा इसके सौंदर्यीकरण के लिए महती योजना बनाई है।
बावजूद यहां कूड़ा-कचरा न फैंकने व स्वच्छता को लेकर लोग जागरूक नहीं है। इसलिए रेलवे से जुड़े रिटायर्ड कर्मचारियों ने स्वप्रेरणा से सुबह-शाम यहां सफाई का जिम्मा उठाया। इस एरिया में श्रमदान करने में रिटायर्ड कर्मचारी दिलीप शर्मा, वासुदेव राजपपुरोहित, मुरारीपाल, राजु बैरागी, देवेंद्र वर्मा, नीरज तिवारी, प्रेमसिंह राठौर, विक्रम विक्रम सिंह चौहान व उनके परिवारजन आगे आए है।


रेलवे से रिटायर्ड देव सिसौदिया बताते है कि सुबह शाम श्रमदान कर नियमित रूप से कचरा इकट्ठा कर इसे नष्ट करने के लिए जला देते है। रिटायर्ड कर्मचारियों को देखकर अन्य लोग भी सहभगिता निभा रहे है। यह काम स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने में प्रेरणादायक साबित होगा। जब हनुमान ताल या हमारा शहर स्वच्छ होगा तो हमारा देश भी स्वच्छ होगा।

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