नीमच-रतलाम डबलिंग में सेफ्टी की बड़ी चूक….8 मई को सीआरएस निरीक्षण था, 7 मई रात को ट्रॉयल में मालगाड़ी डिब्बा हुआ बेपटरी

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम रेल मंडल के नीमच – रतलाम सेक्शन के डबलिंग वर्क्स में 8 मई को होने वाले सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ़्टी) श्रीनिवास द्वारा निरीक्षण करने से पहले बड़ी चूक सामने आई है। जिस सेक्शन का सीआरएस द्वारा निरीक्षण किया जाना है। उसी सेक्शन में एक दिन पहले ट्रॉयल के दौरान कॉशन की गफलत की वजह से इंजिन मालगाड़ी से जा भिड़ा। इसके टकराने से मालगाड़ी का एक डिब्बा बेपटरी हो गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रोजेक्ट से जुड़े अमले में हड़कंप मच गया। वही अधिकारी हरकत में आ गए। फौरन चित्तौड़ से दुर्घटना राहत ट्रेन को बुलवाया गया। मालगाड़ी डिब्बे को उठाने का काम शुरू किया गया।
बता दें कि मंदसौर- दलौदा रेल खंड के किलोमीटर 291/205 से 304/367 के मध्य लगभग 14 किलोमीटर तक का डबलिंग पूरा हो चुका है। इसके बाद सीआरएस द्वारा दो चरणों में निरीक्षण किया जाना है।

दूसरे चरण का निरीक्षण 8 मई शुक्रवार को होना था। इससे पहले 7 मई की रात में इंजिन से ट्रॉयल लिया जा रहा था। तभी किलोमीटर 304/24 पर लगभग 10.05 {22:05) बजे दलौदा सेक्शन में मालगाड़ी के इंजिन से चौथा डिब्बा संख्या 37330 यार्ड में टकराकर बेपटरी हो गया।
घटना की सूचना रतलाम कंट्रोल के माध्यम से अधिकारियों तक दी गई। इसके बाद 10.06 बजे चित्तौड़गढ़ से दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) को बुलाया गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों की देखरेख में बेपटरी डिब्बे को पटरी पर खड़ा करने का काम शुरू किया गया।
