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रेल कर्मचारियों में आक्रोश : बिना सहमति के 100 से 3000 रुपए तक की कटौती

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। जेसीस बैंक जेसी बैंक के डायरेक्टर पद पर वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन (WREU) के बोर्ड द्वारा चुने प्रतिनिधि अर्पित जैन नियुक्त के प्रथम वर्ष में ही उनकी कार्यप्रणाली से कर्मचारियों में आक्रोश है।
कर्मचारियों की CTD राशि के अतिरिक्त बीमा पॉलिसी के नाम पर 100 से 3000 रुपए तक की कटौती की जा रही है। वह भी बिना किसी पूर्व सूचना एवं सहमति स्वतः काटी जा रही है। इसे लेकर वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ पदाधिकारियों ने विरोध जताया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले लगभग 10 वर्षों से WRMS के प्रतिनिधित्व में जो भी प्रतिनिधि जेसी बैंक के डायरेक्टर पद पर रहे। उन्होंने कभी भी ऐसी कोई पॉलिसी लागू नहीं की। जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़े या बिना सहमति के किसी प्रकार की कटौती की जाए।
मामले में मजदूर संघ की रंजिता वैष्णव ने कहा कि आज जो नई पॉलिसी लागू की गई है। उसके संबंध में अधिकांश कर्मचारियों को पूर्व में कोई जानकारी नहीं थी। इस प्रकार अचानक लागू की गई योजना कर्मचारियों के लिए चिंता एवं विरोध का कारण बन गई है।
इस समय भारी नाराजगी है कि जेसी बैंक के डायरेक्टर (WREU बोर्ड प्रतिनिधि) द्वारा कर्मचारियों की CTD राशि के अतिरिक्त बीमा पॉलिसी के नाम पर 100 से 3000 रुपए तक की कटौती की जा रही है,ल। वह भी बिना किसी पूर्व सूचना एवं बिना कर्मचारियों की सहमति के कटौती की गई।
यह कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, बल्कि यह एक अत्यंत अनुचित, गैर-पारदर्शी एवं कर्मचारियों के विश्वास के विरुद्ध कदम प्रतीत होती है।

कर्मचारियों की मुख्य आपत्ति:- कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि कोई नई बीमा पॉलिसी या योजना लागू की जा रही है, तो सबसे पहले उसके नियम, शर्तें, लाभ एवं प्रक्रिया की पूर्ण जानकारी दी जानी चाहिए।
उसके पश्चात कर्मचारियों की सहमति प्राप्त कर ही किसी प्रकार की कटौती की जानी चाहिए।
बिना जानकारी दिए कर्मचारियों के खाते से पैसे काटना न केवल गलत है, बल्कि यह अनैतिक एवं गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को भी दर्शाता है।

CTD राशि कर्मचारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण:- हर साल इसी समय कर्मचारियों को CTD की राशि प्राप्त होती थी। जिससे बच्चों की स्कूल फीस, ट्यूशन फीस, यूनिफॉर्म, किताबें एवं अन्य घरेलू आवश्यक खर्चों में सहायता मिलती थी। नई पॉलिसी कर्मचारियों के लिए नुकसानदायक है।
वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन (WREU) के प्रतिनिधि अर्पित जैन जी द्वारा जेसी बैंक के डायरेक्टर पद के माध्यम से जो यह नई पॉलिसी लागू की गई है। वह कर्मचारियों की दृष्टि में पूर्णतः विरोधी प्रतीत हो रही है। क्योंकि इससे कर्मचारियों को प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक हानि हो रही है।
इसके अतिरिक्त यह भी अत्यंत आपत्तिजनक है कि कर्मचारियों से 2024-25 एवं 2025-26 के नाम पर दो वर्षों की कटौती की जा रही है, जो कि कर्मचारियों पर अनावश्यक अतिरिक्त बोझ डालने वाला निर्णय है।

मजदूर संघ की मांग

1. बीमा पॉलिसी के नाम पर की जा रही कटौती को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
2. कर्मचारियों को लिखित रूप में योजना की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
3. योजना के लाभ, नियम एवं शर्तों को स्पष्ट रूप से बताया जाए। कर्मचारियों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार की कटौती को अमान्य माना जाए।
4. जिन कर्मचारियों से बिना अनुमति राशि काटी गई है। उनकी राशि तत्काल वापस की जाए।

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