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मेहमान रेलवे कर्मचारियों की ऐसी नवाजी…खाने के पैकेट में कच्ची रोटी, पानीदार सब्जी व दाल

-नॉन इंटरलॉकिंग सहित अन्य वर्क्स के लिए अन्य मंडलों से आए थे कर्मचारी।
31 मार्च को होना है रतलाम-धौंसवास डबलिंग वर्क्स में सीआरएस का निरीक्षण।

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम-नीमच डबलिंग प्रोजेक्ट में रतलाम से धौंसवास के बीच पूरे किए काम का 31 मार्च मंगलवार को सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ़्टी) श्रीनिवास द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। टॉरगेट के मुताबिक काम को पूरा करने के लिए अन्य मंडलों से एसएंडटी सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को रतलाम बुलवाया गया। लेकिन इनकी यहां ठहरने सहित घटिया खाने से मेहमान नवाजी की गई। कच्ची रोटी और पानीदार सब्जी व दाल के पैकेट मिलने से नाराज कर्मचारियों ने इसके ख़िलाफ़ वाट्सएप ग्रुप में विरोध दर्ज करा दिया। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए। मामला पश्चिम रेलवे जोन के बड़े अधिकारियों तक पहुंचा हैं।
बताया जा रहा कि सीआरएस निरीक्षण के काम में जुटे कर्मचारियों के ठहरने सहित खाने के लिए लाखों रुपए का फंड जारी किया गया है। लेकिन घटिया खाना देने से रतलाम मंडल का नाम खराब हुआ। बल्कि भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल खड़े दिए गए है।

नॉन इंटरलॉकिंग का काम अहम, इसलिए आए इंजीनियर:- डबलिंग प्रोजेक्ट में नॉन इंटरलॉकिंग का काम अहम रहता है। इसके लिए मुंबई, बड़ौदा सहित अन्य मंडलों से सिग्नल एंड टेलीकॉम व अन्य विभागों के इंजीनियर्स तथा कर्मचारियों की टीम यहां बुलाई गई थी। रेलवे का प्रयास था कि कर्मचारियों के ठहरने के लिए बेहतर इंतजाम हों। साथ ही इन्हें दिन में साइड पर और शाम को होटल में गुणवत्तापूर्ण खाना दिया जाए। इसके लिए तकरीबन 15 लाख रुपए का फंड भी जारी किया गया। नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर मुंबई मंडल के एसएसई ने बताया कि हम 25 मार्च से रतलाम आकर काम को तय सीमा में पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत में जुटे है। लेकिन हमें जो खाने के पैकेट दिए गए। इसमें पांच रोटी, सब्जी व दाल चावल थे। सब्जी में पनीर के महज तीन छोटे पीस डाल दिए गए। जबकि रोटी भी कच्ची थी। इसे कोई भी खा नहीं सकता। बड़ौदा के इंजीनियर ने बताया कि हमें मजबूरी में बाहर की होटल में खाना खाने जाना पड़ा। इसका लगभग 5 हजार रुपए जेब का खर्च हुआ। इसके रिफंड के लिए कोई जवाबदेही नहीं है।

वाट्सएप ग्रुप में की गई शिकायत:- कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने खाने की खराब क्वालिटी को लेकर टेम्परेरी बनाए गए वाट्सएप ग्रुप पर लिखित के शिकायत की। इसके बाद ग्रुप में अन्य कर्मचारी भी लामबंद हुए। इधर, नॉन इंटरलॉकिंग वर्क्स के लिए कर्मचारियों ने तो पश्चिम रेलवे सीएसटी राहुल हांडे तक शिकायत पहुंचा दी। इसके बाद इन्होंने कॉम्फ्रेन्स पर मंडल के अधिकारियों को जोड़कर सवाल-जवाब किए।

25 फीसदी वर्क्स बाकी और करा देंगे निरीक्षण:- 31 मार्च को सीआरएस श्रीनिवास के निरीक्षण को देखते पश्चिम रेलवे जोन से टारगेट बेस पर काम पूरा करने का दबाव था। इसलिए मुंबई हेडक्वार्टर सहित अन्य मंडलों के अधिकारियों व 250 इंजीनियर्स तथा कर्मचारियों की टीम को रतलाम भेजा गया है। तकनीकी कर्मचारियों का कहना है कि दिन-रात काम करने के बाद अभी भी 25 फीसदी काम अधूरा है। इसके बावजूद सीआरएस निरीक्षण की लीपापोती कर ली जाएगी।

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