लापरवाही, मनमानी का आलम, एडजेस्टमेंट का सिस्टम….रेलवे ठेकेदार पर फाइन लगाने का लेटर तैयार, वसूली राशि पूछने पर कर्नल बोले- मुझे कोई आइडिया नहीं
-मामला जेसीबी से खुदाई में केबल कटने से हुए ब्लैकआउट का।
-बुधवार को सुबह मुख्य लाइन जोड़ने का शुरू किया गया काम।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे के ठेकेदार की मनमानी खुदाई के कारण मंगलवार को रेलवे अस्पताल, आधी से ज्यादा रेलवे कॉलोनी और आईओडब्ल्यू समेत अन्य कार्यालयों की बिजली लगभग साढ़े 5 घंटे गुल रही। लेकिन इस मामले को छुपाने का खेल खेला गया। यहीं वजह है कि फाइन के लिए जिम्मेदार इलेक्ट्रिक पावर विभाग प्रतिवेदन तैयार करने के बावजूद फाइन के मामले को दबाने में जुटे है। न्यूज जंक्शन-18 द्वारा फाइन के मामले में पूछने पर सीनियर डीईई पावर कर्नल धर्मेंद्र प्रजापति का गैर जिम्मेदाराना जवाब मिला कि मुझे इस बारे में आइडिया नहीं है। इसे देखते आशंका जताई जा रही हैं कि ठेकेदार के फाइन में कहीं एडजेस्टमेंट का खेल तो नहीं चल रहा। इधर, बुधवार को इलेक्ट्रिक पावर विभाग के कर्मचारी मुख्य केबल जोड़ने मौके पर पहुंचे।
बता दें कि मंगलवार रात में ही इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े ठेकेदार व इलेक्ट्रिक पावर विभाग के जेई के बीच जमकर कहासुनी भी हुई। ठेकेदार की हिम्मत देखिए कि फोन पर पावर विभाग के इंजीनियर से मदमिज़ाजी की।
हालांकि मामले में इलेक्ट्रिक पावर विभाग ने पेलेंट्री के लिए लेटर भी जारी कर दिया। इसके बाद ठेकेदार से वसूली की प्रकिया भी की जाएगी। लेकिन ठेकेदार से अधिकारियों के हित जुड़े होने से मामले को दबाने के प्रयास भी किए जा रहे है। वसूली कब होगी यह भी साफ नहीं है।
दरअसल मामला मंगलवार दोपहर 12.30 बजे प्लेटफॉर्म-7 के आगे की ओर का है। इस ओर आईलैंड प्लेटफॉर्म बना रहे ठेकेदार के जेसीबी ड्राइवर ने खुदाई के दौरान पॉवर हाउस से आ रही मुख्य केबल काट दी। इससे रेलवे कॉलोनी एरिया के क्वाटर्स, कार्यालयों और रेलवे अस्पताल में अंधेरा छा गया। एक साथ इतने बड़े क्षेत्र की बिजली बंद होने से परेशान कर्मचारियों ने पावर विभाग में फोन लगाने शुरू कर दिए। व्हाया-व्हाया इसका मैसेज रेलवे कंट्रोल तक पहुंचा। जानकारी सामने आई कि आइलैंड प्लेटफॉर्म के अर्थ वर्क चल रहा है। इस दौरान लापरवाही के चलते बकरा पुल के नीचे से गुजर रही बिजली की केबल जेसीबी से कटकर टुकड़ों में बंट गई।
इधर, ब्लैकआउट होने पर बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि टूटी केबल अंडर ग्राउंड होने से मौके पर सुधारना मुश्किल था। इसलिए आपूर्ति बहाली के लिए कर्मचारियों ने पॉवर हाउस से आ रही दूसरी केबल से वैकल्पिक कनेक्शन जोड़ा। लगभग 6 बजे बिजली आपूर्ति सप्लाई बहाल की जा सकी।
ठेकेदार फर्म केपीटीएल को वसूली के लिए भेजेंगे नोटिस:- केबल कटने से हुए नुकसान और उसे ठीक करने में हुए खर्च की वसूली ठेकेदार फर्म से होगी। दरअसल यह काम वर्क केपीटीएल नाम की कंपनी के पास है। टेंडर लेने वाली कंपनी ने यह काम पेटी कांट्रेक्ट पर नीमच के ठेकेदार ओमप्रकाश गोयल को दे रखा है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार गोयल तथा इलेक्ट्रिक पावर विभाग के जेई राजकुमार बोरासी के बीच कहासुनी हुई। ठेकेदार ने बोरासी से फोन पर खूब बदमिजाजी की। फिलहाल बिजली विभाग ने सारा हिसाब-किताब तैयार कर पूरा प्रतिवेदन सीनियर डीडीई पावर कर्नल प्रजापति को भेजा है। प्रतिवेदन में लाइन सुधारने के खर्च के अलावा, रेलवे अस्पताल में डीजी सेट चलाने में लगे डीजल के खर्च, कार्यालयों में मेनपॉवर का नुकसान समेत अन्य खर्च भी शामिल करने की सूचना है। अब इसे मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के माध्यम से हेडक्वार्टर कब भेजेंगे, कब इसकी वसूली की जाएगी। इसके बारे में अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।
इसलिए चल रहा था खुदाई का काम:- रतलाम-नीमच दोहरीकरण के तहत बिछाया जा रहा दूसरा ब्रॉडगेज ट्रैक इसी प्लेटफॉर्म नंबर 7 से जुड़ना है। इसलिए योजना के मुताबिक प्लेटफॉर्म 7 को आईलैंड प्लेटफॉर्म में बदला जा रहा है। इससे इसके दोनों तरफ रेलवे ट्रैक हो जाएंगे। दरअसल प्लेटफॉर्म नंबर 7 की लंबाई नीमच की तरफ 350 मीटर बढ़ाई जा रही है। इस बढ़े हुए हिस्से में एक तरफ वर्तमान दिल्ली-मुंबई से कनेक्ट होकर आ रही ब्रॉडगेज लाइन होगी। दूसरी तरफ नीमच की तरफ से आ रहा ब्रॉडगेज ट्रैक डलेगा। इसके लिए खुदाई चल रही थी।
अधिकारी की गोद में बैठे है इंजीनियरिंग विभाग के ठेकेदार:- रतलाम स्टेशन पर डेवलपमेंट के चल रहे काम में जबरदस्त घालमेल की आशंकाएं है। ठेकेदार इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की गोद में बैठे है। अधिकारी ने डीआरएम तक को अपने प्रभाव में ले रखा है। यहीं वजह है कि सारे काम ठेकेदार फर्म अपने मनमानी तरीके से कर रही है। भले ही इसकी मॉनिटरिंग के नियम है। लेकिन ठेकेदार द्वारा निचले इंजीनियर को भी साध रखा है। इसलिए कोई देखने वाला तक नहीं है। केबल कटने के डेढ़ घंटे बाद तक इंजीनियरिंग विभाग का कोई जवाबदार मौके पर नहीं पहुंचा था। बुधवार को सुबह इलेक्ट्रिक पावर विभाग ने कटी हुई मुख्य लाइन को जोड़ने का काम शुरू किया गया।
