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कांग्रेस जिलाध्यक्षों की रिपोर्ट कुंडली….रतलाम सहित प्रदेशभर में हलचल, बदले जाएंगे निष्क्रिय अध्यक्ष?

न्यूज़ जंक्शन

रतलाम। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अपने-अपने जिलों में पद पाने के बाद काम नहीं करने वाले जिला अध्यक्षों की जल्दी ही पदों से छुट्टी की जाएगी। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्षों के भविष्य के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर कुंडलियां तैयार की जा रही है। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

सवाल यह हैं कि रतलाम सहित मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बदल दिए जाएंगे या इन्हें शाबाशी देकर और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। संभावना है, इसकी भविष्य रेखा इस माह ही तय हो जाएगी। किसी जिले में पर्यवेक्षक भेजे गए तो मतलब साफ रहेगा कि उस जिले के अध्यक्ष को सीट छोड़ना जोड़ेगी।

बता दें कि एआईसीसी की एक दिन पूर्व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में मीटिंग हुई। इसमें रतलाम सहित प्रदेश के सभी जिलों के जिलाध्यक्ष का रिपोर्ट कार्ड लेकर प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी दिल्ली पहुंचे है। इस कवायद के बाद रतलाम में अध्यक्ष पद का सपना मन में संयोए पार्टी के कई नेताओं में हलचलें बढ़ गई।

दरअसल मध्य प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे और संगठन महासचिव किसी केसी वेणुगोपाल प्रदेश के सभी जिलों के अध्यक्षों के कामकाज का एनालिसिस कर रहे हैं। किस जिले में संगठन मजबूत हुआ, कहां कार्यकर्ताओं के सक्रियता बड़ी और किन जिलों में संगठन कमजोर रहा। इसका पूरा रिपोर्ट कार्ड लेकर जीतू पटवारी दिल्ली पहुंचे थे।

जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, उन पर कार्रवाई की संभवना है। वही अच्छा प्रदर्शन करने वालों को जिम्मेदारी और मजबूती मिलने के संकेत है।

इधर, रतलाम की बात की जाए तो यहां जिलाध्यक्ष शांतिलाल वर्मा भले ही एक्शन मोड में है। लेकिन पार्टी सूत्र बताते है कि यहां मीटिंगों, आंदोलनों के वक्त कार्यकर्ताओं को जोड़ने में संगठन अभी भी दूर है। वहीं इवेंट्स के तात्कालिक प्रचार-प्रसार में भी लेटलतीफी बताई जा रही है। प्रमुख पदों पर पुराने कार्यकर्ता के बजाय शासकीय कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपा जाना भी पार्टी नीति के खिलाफ व अन्य कार्यकर्ता में असंतोष की उपज माना जा रहा है। वहीं पार्टी की आंतरिक मजबूती पूर्व विधायक पारस सकलेचा, युवा नेता मयंक जाट व पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र कटारिया के इर्द-गिर्द ही बनी हुई है।

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