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सेटिंग का जारी सिलसिला….दुष्कर्म के आरोपी अजहर का अब मेडिकली टेस्ट, पक्का, बना देंगे ट्रैकमैन से असिस्टेंट लोको पायलट

-विभाग के अफसरों द्वारा आरोपी की भरपूर सहायता, कुचली जा रही पीड़िता की पीड़ा

न्यूज़ जंक्शन-18

रतलाम। महिला से दुष्कर्म मामले के आरोपी रेलवे ट्रैकमैन अज़हर पिता मज़हर खान को नाकारा रेलवे अफसरों द्वारा नौकरी में पदोन्नति के लिए खूब शाबासी दी जा रही है। हैरत हैं कि दुष्कर्म की घटना के बाद लंबी अपसेन्ट के बावजूद इसे बगैर विभागीय कार्रवाई किए असिस्टेंट लोको पायलट की विभागीय परीक्षा में शामिल करवा दिया गया। बल्कि हाथों से अनफिट होने के बावजूद परीक्षा में क्वालीफाई भी कर दिया गया। अब आश्चर्य की बात है कि 5 जनवरी 2026 सोमवार को वह मेडिकल टेस्ट के लिए प्राइवेट डॉक्टर से सिक फिट लेकर हाजिर हुआ तो मंगलवार का दिन इसके मेडिकल टेस्ट के लिए तय कर लिया गया। मेहरबानी बरकरार रही तो जल्दी ही इसे असिस्टेंट लोको पायलट बना दिया जाएगा।

दरअसल जिस बात की सभी को आशंका थी, वह समूल ही सच निकलती जा रही है। रेलवे के बेहूदा सिस्टम ने दुष्कर्म के आरोपी को विभागीय दंड देने के बजाय उसे उस दहलीज तक पहुंचा दिया। जहां से पदोन्नत होकर वह आसानी से अपनी बाकी जिंदगी अधिकारियों की मेहरबानी व रहमोकरम के चलते बेहतरी से गुजार सकेगा।

लगातार उपकृत करने का खेल जारी:- पीड़िता की शिकायत पर अजहर पर स्टेशन रोड पुलिस थाना में दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज हुआ था। इसके बाद ढाई माह तक वह ऑफिस में अपसेन्ट रहा। इसके बाद सांठगांठ के चलते बैकडोर एंट्री करवाकर एक दिन के लिए ज्वाइन करवाया गया। अगले ही दिन वह छुट्टी भी चला गया। यह केवल अज़हर को असिस्टेंट लोको पायलट की परीक्षा में शामिल कराने की जुगत भिड़ाने के चलते हुआ है। इसमें रेल संगठन से जुड़े एक बड़े नेता व नजदीक रेलकर्मी रिश्तेदार का बड़ा हाथ होने की बात सामने आई है। यहीं वजह है कि नियम-काग़ज़ों की आड़ का खेल व अधूरी पुलिस कार्रवाई के बाद भी इसे पदोन्नति भी दे दी जाएगी।

बता दें कि आरोपी अजहर खान को लेकर महिला के परिजनों की सूचना व पीड़िता की शिकायत पर स्टेशन रोड पुलिस थाना में 30 जून 2025 को प्रकरण दर्ज किया था। लेकिन हाईकोर्ट से इसकी जमानत हो गई है। मामला उज़ागर होने पर अजहर के साथ हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने डीआरएम ऑफिस के बाहर मारपीट भी की। इससे वह बूरी तरह घायल हुआ था। बल्कि उसके दोनों हाथों में लंबे समय तक मेडिकली पट्टे चढ़े रहे। आश्चर्य है कि इसी दौरान अजहर ने असिस्टेंट लोको पायलट की परीक्षा दी और उसमें क्वालीफाई हो गया।

सिलसिलेवार चला सेटिंग का सिलसिला:-

-दुष्कर्म के आरोपी ट्रैकमैन अजहर के साथ मारपीट की घटना के बाद बकायदा विभागीय परीक्षा के एक दिन पहले दाहोद अस्पताल से फिट सर्टिफिकेट लेकर वह ज्वाइन होने मंडल कार्यालय रतलाम पहुंचा था।

-तयशुदा जमावट के मुताबिक इसने  इंचार्ज एसएसई नार्थ राजेंद्र शर्मा से संपर्क किया। सूचना विभाग के अधिकारी सीनियर डीईएन कोर्डिनेशन पीयूष पांडे को की गई।

-फौरन निचले अधिकारियों को निर्देश मिले कि अजहर से लिखवाकर ज्वाइन करवा दिया जाए। इसके बाद अजहर 21 सितंबर 2025 को ज्वाइन हुआ।

-असिस्टेंट लोको पायलट की विभागीय परीक्षा में शामिल होने का भरपूर मौका दिया गया। दूसरे ही दिन वह सिक पर उतर गया।

-5 जनवरी 2026 को अजहर सिक फिट सर्टिफिकेट लेकर रेलवे अस्पताल पहुंचा। मंगलवार को इसके मेडिकली टेस्ट के लिए तारीख मुकर्रर कर दी गई।

-विभाग के नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।

इसलिए भी उठ रहे सवाल:-

मीडिया की सुर्खियों में रहने के बाद भी विभाग के अधिकारियों को अपने ही विभाग के कर्मचारी के दुष्कर्म के प्रकरण की ढाई माह तक जानकारी नहिंन लगी?

-कोई कर्मचारी लंबे समय तक बीमार अवस्था में अनुपस्थित रहे। इस पर वह मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर बकायदा सूचना देना अनिवार्य है। यदि ट्रैकमैन ने सूचना भी दी तो अफसरों ने गंभीर चोंट के बारे में पड़ताल क्यों नहीं करवाई।

-डीआरएम ऑफिस के ठीक नजदीक ट्रैकमैन के साथ दुष्कर्म मामले को लेकर मारपीट हुई। इसकी जानकारी कार्यालय के लगभग सभी कर्मचारियों को हुई। फिर अफ़सर इसे लेकर अनजान क्यों बने रहे।

-ट्रैकमैन पर दुष्कर्म जैसे आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बावजूद इसे इंजीनियरिंग विभाग द्वारा नोटिस जारी नहीं किया। इससे महज लिखवाया गया कि उसके ख़िलाफ़ कोई आपराधिक मामला नहीं है।

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