न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे कमर्शियल इंस्पेक्टर (सीएमआई) को लेकर विजिलेंस टीम पिछले दिनों फाइलें खंगालने आई थी। ई-ऑफिस का डाटा भी संग्रहित किया गया था। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक इसी को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की जा रही रही है। साथ ही वर्ष 2018 के बाद सीसीटीसी में भर्ती चेकिंग कर्मचारियों की वर्किंग को लेकर भी सूचनाएं मुंबई मुख्यालय पहुंची है। इस ओर भी जांच पड़ताल की तीव्र संभावना है।
बता दें कि 17 नवंबर को विजिलेंस टीम सीएमआई की वर्किंग वर्ष जानने कमर्शियल विभाग में आ धमकी थी। टीम ने घंटों टेबलों पर बैठकर टेबलवार अहम जानकारियां निकाली थी। बल्कि कुछ अहम दस्तावेज भी हाथ लगे थे। मुख्य रूप से सीएमआई के पिरियोडिकल तबादलों की अवधि तथा सीएमआई के टेबल वर्क की जांच की गई। स्टेशनों पर यात्री सुविधा के नाम पर लाखों रुपये की खरीदी को लेकर भी दस्तावेज का मिलान किया गया।
विजिलेंस सूत्रों की माने तो जांच के दौरान ई-ऑफिस पर भी सीएमआई की वर्किंग को लेकर अहम जानकारियां निकली है। इसका डेटा मुंबई ले जाया गया था। बताया जा रहा कि जल्दी ही इसकी रिपोर्ट तैयार कर पिरियोडिकल तबदलें की सिफारिश की जाएगी। साथ ही अनियमितता को लेकर चार्जशीट की भी दरकार रहेगी।
वर्ष 2018 के बाद टिकिट चेकिंग जैसे सेंसेटिव पद पर काम:- रेलवे बोर्ड द्वारा सीसीटीसी कैडर में टीसी, कमर्शियल क्लर्क, इन्क्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क ग्रूप को शामिल कर भर्ती की गई। भर्ती के बाद से कई चेकिंग कर्मचारी आर्थिक (अर्निंग) मामलों से जुड़े पद में शामिल टिकिट चेकिंग में ड्यूटी कर रहे हैं। इससे आर्थिक अनियमितता की पूरी आशंका है।
जबकि बोर्ड नियमों के तहत आरआरबी के तहत सीधी या विभागीय भर्ती में चेकिंग के अलावा बुकिंग, पार्सल व लगेज तथा रिजर्वेशन ऑफिस में तय आवधिक अवधि निर्धारित है। 4 साल बाद एक से दूसरी यूनिट में तबादलें किए जाने के नियम है। हालांकि पिछले दिनों सीनियर डीसीएम हीना केवलरामनी द्वारा एक खेल कोटे के तहत टीसी की बुकिंग में ड्यूटी लगाई है। लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में चेकिंग कर्मचारी वर्ष 2018 की भर्ती के बाद से ट्रेनों में ही ड्यूटी कर रहे है।
