Logo
ब्रेकिंग
मक्सी-पीरउमरोद हादसा: कर्मचारियों के भारी आक्रोश के बाद GM ने दिए SAG स्तर की 'मेजर जॉइंट इंक्वायरी'... ​रतलाम में सनसनीखेज वारदात: रेलवे माल गोदाम रोड पर युवक को मारी गोली, प्रेम विवाह से जुड़ी रंजिश की ... रतलाम के राजबाग गरबा उत्सव में अनूठी पहल: 200 बालिका-महिलाओं को बांटी गईं तलवारें और वैदिक पुस्तकें मक्सी-पीर उमरोद रेल हादसा: साथियों की दर्दनाक मौत से सदमे में रेलकर्मी, सिसकियों में बयां किया ख़ौफ़ना... बजरंगगढ़ स्टेशन पर ऑइल भरी मालगाड़ी में लगी आग, हड़कंप संभव सांखला का बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन 'पुरुष चंटीया रास' से सराबोर होगा पांडाल....रतलाम में नवयुवक सेवा समिति द्वारा तीन दिवसीय 'पुरुष चंट... गोवा एक्सप्रेस की चपेट में आई ट्रॉली हादसे में दूसरे ट्रॉलीमैन की भी मौत, सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि रेल मंडल में दूसरा ट्रेन हादसा....मक्सी स्टेशन के पास गोवा एक्सप्रेस की चपेट में आई रेलवे ट्रॉली, एक... सेजावता-बंजली क्रासिंग गेट हादसा: रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, आज पीसीएसओ घटनास्थल क...

गोवा टूर से बिगड़े सुर….एसबीएफ महिला कैंप टूर पूरा, इंजॉय के खेल से उठने लगे सवाल

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे के एसबीएफ (स्टाफ बेनिफिट फंड) के तहत गोवा टूर पूरा करने के बाद टूरिस्ट के रूप में शामिल हुए रेलकर्मियों की भले ही थकान उतर गई होगी। लेकिन अनियमितता के चलते आरोपों और सवालों का दायरा हर दिन बढ़ता जा रहा है।
दरअसल महिला विशेष टूर में दो ऐसे पुरूष कर्मचारियों को शामिल कर लिया गया। जिनकी दाहोद रेलवे रिकार्ड में ऑन ड्यूटी दर्शाई गई। प्रशासन की ओर से डब्ल्यूएलआई एक के बजाय दो साथ चले गए। इन्होंने ठेकेदार की भूमिका निभाई। इन मामले में आर्थिक अनियमितता की बातें भी आम होने लगी है।
बता दें कि इसी साल मार्च में भी मांडव टूर गया था। तब भी फर्जी बिलिंग के आरोप लगे थे।

बगैर ठेकेदार की मौजूदगी में मीटिंग पूरी, ठेकेदार की भूमिका में रेलकर्मी:- महिला कैंप के लिहाज से 17 से 21 सितंबर तक यह टूर गोवा गया था। 50 सदस्यीय टूर कैंप था। 51 सदस्य इसमें शामिल होना थे। 3 सदस्य किसी वजह से अनुपस्थित रहे। ऐसी स्थिति में 48 सदस्यों का दल गोवा टूर के लिए रवाना हुआ। इसमें रेल संगठन की ओर से दो पुरूष कर्मचारी भी साथ गए। इतने सदस्यों का भी भुगतान किया जाना है।

सवालों का दौर तब शुरू हुआ, जब इसमें कुछ अनियमितता उजागर हुई। बताया जा रहा है कि प्रशासन की ओर से नियमों के मुताबिक एक ही डब्ल्यूएलआई टूर में शामिल होना था। इसके बजाय दो डब्ल्यूएलआई के रूप में प्रशांत पांडेय व महेंद्र राठौर गोवा गए।
दरअसल बड़े आरोप दाहोद से दो पुरूष रेलकर्मियों को लेकर लगाए जा रहे है। बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारी ऑन ड्यूटी टूर में शामिल होकर भ्रमण कर आए। आरोप यह भी लगे है कि इन्हें ठेकेदार कर्मचारी के रूप में शामिल किया गया। इस आरोप की पुष्टि इस बात से की जा रही है कि टूर के पहले 12 सितंबर 2025 को मंडल कार्यालय में मीटिंग हुई थी। तब ठेकेदार को नहीं बुलाकर वेल्फेयर इंस्पेक्टर ने विभाग के अधिकारी को आश्वस्त कर दिया कि फर्म को सभी शर्ते मंजूर है। इसके बाद दो ठेकेदार के आदमी के साथ ही अपने दो पुरुष रेलकर्मी को टूर पर साथ ले जाने की जुगत जमा ली गई। इसमें एक डब्ल्यूएलआई तथा दूसरा ट्रेन ड्राइवर है।

लिखित शिकायत की तैयारी:- इस मामले में मौखिक रूप से अधिकारी तक शिकायत दर्ज करवाई गई। आरोपों का क्रम बढ़ने तथा अनियमितता की चर्चा आम होने पर अब संगठन के पदाधिकारियों द्वारा सीनियर डीपीओ सोमनाथ गायकवाड़ को इसकी लिखित शिकायत की तैयारियां की जा रही है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.