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रतलाम। रेलवे ट्रैकमैन मामले में नाकारापन के चलते ज़िल्लत झेलने के बाद इंजीनियरिंग विभाग के अफ़सर थोड़ा बहुत एक्शन मोड में आए है। विभाग ने ट्रैकमैन की सिक को निरस्त किया। बल्कि इसके आपराधिक रिकार्ड की जानकारी लेने पुलिस को पत्र भेजा है। संभव है कि पुलिस से आपराधिक रिकार्ड की सूचना मिलने पर विभाग को अब ट्रैकमैन के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ सकती है।
बता दें कि आरोपी ट्रैकमैन अजहर खान को लेकर महिला के परिजनों की सूचना व पीड़िता की शिकायत पर स्टेशन रोड पुलिस थाना में 30 जून को प्रकरण दर्ज किया था। इसी मामले को लेकर उसके साथ डीआरएम ऑफिस के बाहर मारपीट भी हुई। इसके बाद से यह पुलिस रिकॉर्ड में फरार व रेलवे में इसकी अनुपस्थिति चल रही थी। इसका करीब ढाई माह उपचार चला। इसके बाद वह दाहोद रेलवे अस्पताल से फिट सर्टिफिकेट लेकर असिस्टेंट लोको पायलट की विभागीय परीक्षा देने रतलाम आया था। ट्रैकमैन के परीक्षा देने के बाद दोबारा छुट्टी पर चले जाने को लेकर सवाल उठने लगे थे।
सिक निरस्त की गई:- ट्रैकमैन अजहर को एक दिन की ज्वाइनिंग करवाना तथा तुरंत बाद इसके छुट्टी पर चले जाने को लेकर रेल महकमे में चर्चाओं का माहौल रहा। क्योंकि ट्रैकमैन के खिलाफ रतलाम में स्टेशन रोड पुलिस थाना पर दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज है। इसकी विभाग ने ढाई माह तक कोई जानकारी नहीं खंगाली। मीडिया की सुर्खियों में आने पर ट्रैकमैन से सवाल-जवाब भी नहीं किए गए।
जबकि रेलवे में ही टीटीई अनिल कौशल को 200 रुपए की घुस लेते एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने पकड़ा था। तब कमर्शियल विभाग द्वारा टीटीई को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया था। ऐसे में पुलिस कार्रवाई के बाद इंजीनियरिंग विभाग के अफसर दुष्कर्म के आरोपी पर विभागीय कार्रवाई करने में पुलिस से लिखित सूचना का इंतजार करते रहे।
अब की गई पूछताछ:- ट्रैकमैन को दोबारा ज्वाईन करवाकर इसे परीक्षा में शामिल करने की मंजूरी देने पर मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। रेलवे सूत्रों के मुताबिक इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख सीनियर डीईएन कोर्डिनेशन पीयूष पांडे के निर्देश पर पीडब्ल्यूडीआई नार्थ द्वारा बुधवार को स्टेशन रोड पुलिस थाना पर पत्र भेजा गया। सूचना मांगी गई कि ट्रैकमैन अजहर पर किसी धारा में कोई प्रकरण दर्ज है। साथ ही ट्रैकमैन की सिक निरस्त की गई है।
बड़े सवाल यह भी है
-विभागीय परीक्षा देने रतलाम पहुंचे ट्रैकमैन के दोनों हाथों में मेडिकली पट्टियां थी। इस स्थिति में उसे रेलवे डॉक्टर द्वारा कैसे फिट सर्टिफिकेट दे दिया गया।
-ट्रैकमैन फिट सर्टिफिकेट लेकर विभाग में उपस्थित हुआ। तब बगैर प्रारंभिक जांच के कैसे ज्वाइनिंग दे दी गई।
– 30 जून को पुलिस प्रकरण दर्ज होने के बाद से विभाग तुरंत यदि कार्रवाई करता। तब संभव है वह विभागीय परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता। ऐसे में किस संगठन नेता या अफ़सर की शह पर सेटिंग कर ली गई।
-रेलवे में असल मामला छुपाने या लिखित में असत्य तथ्यों का उल्लेख करने पर अब विभाग ट्रैकमैन के ख़िलाफ़ कैसी कार्रवाई करेगी।
