नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व, बल्कि आंतरिक शक्ति, आत्म-शुद्धि और बुराई पर अच्छाई की विजय का एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव है-पंडित अक्षय शर्मा
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि आंतरिक शक्ति, आत्म-शुद्धि और बुराई पर अच्छाई की विजय का एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव है।
मां की उपासना से जीवन में नई गति का संचार होता हे संपूर्ण सृष्टि को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
उक्त बात आचार्य प. अक्षय शर्मा ने अलकापुरी में पूर्व पार्षद श्रीमती वंदना अनिल पुरोहित द्वारा आयोजित नवरात्रि के पूर्व भजन आराधना कार्यक्रम में कही। शर्मा ने माता रानी के कई सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। जिसमें प्रमुख रूप से चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया हे…..…। मां तेरे बच्चे हम तेरी कृपा..…..…। अंगना पधारो महारानी…………। लेके पूजा की थाली ज्योत मन की जला कर………। आदि भजनों से प्रख्यात भजन गायक आचार्य पंडित अक्षय शर्मा अपनी सुमधुर वाणी से माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान किया। उनके भजनों की स्वर-लहरियाँ भक्तों के हृदय को भक्ति-रस में सराबोर कर गई। कार्यक्रम में ढोलक वादक मनीष भंवरिया, ऑक्टोपैड वादक नीलेश कुमावत और वायलिन संतोष भंवरिया द्वारा बजाया गया।
इस पावन अवसर को और अधिक अलौकिक बनाने में मुख्य रूप से वन्दना अनिल पुरोहित, श्रीमती राजकुमारी अग्रवाल, श्रीमती मंगला पंवार, श्रीमती शशि नरेंद्र यादव, श्रीमती किरण पंडियार, श्रीमती पुष्पा कौशिक, श्रीमती संगीता गुप्ता, श्रीमती अर्चना जोशी, श्रीमती मंजुला शर्मा, श्रीमती आरुषा शर्मा, श्रीमती शोभा पंवार, श्रीमती प्रीति परिहार, श्रीमती मंजुला सिसोदिया, श्रीमती गोपाल कुंवर सोडा, श्रीमती ललिता शर्मा, श्रीमती अंजना माहेश्वरी, श्रीमती सुष्मिता माहेश्वरी, श्रीमती शारदा ओझा उपस्थित रहीं। अंत में महाआरती कर प्रसादी वितरण किया गया। संचालन और आभार सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित द्वारा व्यक्त किया गया।
