‘कुंभकर्णी बाबू से जवाब तलबी’ …. यह सोता रहा और छूटने लगी थी ट्रेनें, यात्रियों ने तोड़ा था काउंटर का दरवाजा! बाबू बोला- मैं टॉयलेट गया था
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे स्टेशन पर वक्त से पहुंचने के बावजूद अगर आपकी ट्रेन छूट जाए। वो भी इसलिए क्योंकि टिकट बांटने वाला बाबू गहरी नींद में चादर तानकर सो रहा हो। तब यात्रियों का गुस्सा टूटना लाज़मी है। सोमवार तड़के रतलाम मंडल के मंदसौर रेलवे स्टेशन पर कुछ ऐसा ही हुआ। जहाँ यात्रियों के सब्र का बांध टूटते ही जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित भीड़ ने टिकट काउंटर के कक्ष का दरवाजा ही उखाड़ फेंका! बाबू साईराज मीणा को डीआरएम ऑफिस तलब किया गया। लेकिन इसने अधिकारियों से कहा कि वह केवल टॉयलेट करने गया था। इधर, मामले में सीबीएस तथा सीएमई को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।
कांच खटखटाते रहे यात्री, खर्राटे भरता रहा कर्मचारी?:– सोमवार की सुबह स्टेशन पर यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए इकट्ठा थी। ट्रेन के आगमन का समय हो रहा था। लेकिन टिकट खिड़की बंद पड़ी थी। जब परेशान यात्रियों ने झांककर देखा, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर बैठा रेल कर्मचारी खर्राटों की दुनिया में मस्त था!
यात्रियों ने काफी देर तक कांच खटखटाया, आवाजें दीं और गुहार लगाई। लेकिन कर्मचारी की नींद नहीं टूटी। देखते ही देखते टिकट काउंटर के बाहर लंबी लाइन लग गई और ट्रेन स्टेशन के सिर पर आ खड़ी हुई।
दरवाजा टूटते ही उड़े कर्मचारी के ‘तोते’:- ट्रेन छूटने के खौफ और रेल प्रशासन की इस घोर लापरवाही से यात्रियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित यात्रियों ने जमकर नारेबाजी की और गुस्से में टिकट काउंटर कक्ष का दरवाजा तोड़ डाला! दरवाजा टूटते ही स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया और आखिरकार गहरी नींद में सो रहे कर्मचारी की नींद खुली तो उसके हाथ-पांव फूल गए।
दो दिन में दूसरी बार हुआ यह ‘कांड’:- सूत्रों की मानें तो यह कोई पहली घटना नहीं है। महज दो दिन पहले भी यही कर्मचारी इसी तरह ड्यूटी के दौरान खर्राटे मारता हुआ पाया गया था। उस दिन भी दर्जनों यात्रियों को या तो अपनी ट्रेन गंवानी पड़ी थी या फिर मजबूरी में बिना टिकट सफर करने का जोखिम उठाना पड़ा था।
मामले में विंडो क्लर्क मीणा को रतलाम मुख्यालय तलब किया गया था। उसने जवाब में कहा कि निरंतर ड्यूटी का दबाव है। इसलिए वह टॉयलेट गया था। हालांकि सीनियर डीसीएम हिना केवलरामनी मुख्यालय के बाहर थी। अब देखना यह होगा कि रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले और लगातार हो रही लापरवाही पर क्या सख्त कदम उठाते हैं!
स्थानीय पदस्थापना और लापरवाही का ‘खेल’?
इस घटना के बाद रेलवे की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसे लेकर बाबू मीणा के सीनियर को जिम्मेदार माना जा रहा है।
लंबे समय से एक ही जगह तैनाती:- स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि CBS (मंदसौर) श्रीमती अनीता नायर के अधीन है बाबू मीणा। बताया गया कि वे स्थानीय निवासी हैं और पिछले 7 वर्षों से एक ही स्टेशन पर पदस्थ हैं।
निरीक्षण का अभाव: CMI (नीमच) प्रवीण ओझा के परिक्षेत्र में मंदसौर स्टेशन का सेक्शन भी है। बताया जा रहा है कि वे भी पिछले 15 सालों से नीमच में ही जमे हुए हैं (पहले CBS नीमच और पिछले 5 से अधिक वर्षों से CMI नीमच)। सवाल है कि घर के पास नौकरी होने के कारण व्यवस्थाओं पर सख्त निगरानी रखी जा रही है?
