(फ़ोटो कैप्शन:- पुलिस कस्टडी में पिंक शर्ट में फर्जी अभ्यर्थी अनुज। दाएं काले शर्ट में गौरव। यह मूल अभ्यर्थी है। यह ग्राउंड में ही मौजूद था।)
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे ग्राउंड पर आयोजित आरआरबी रेलवे ग्रुप-डी (लेवल-वन) की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के अंतिम दिन बुधवार को एक बार फिर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।

(फ़ोटो:- आरोपी पंकज यादव। यह अभ्यर्थी मनीष के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था।)
परीक्षा में दूसरे के नाम पर दौड़ लगाने पहुंचे उत्तर प्रदेश के दो ‘मुन्नाभाइयों’ और एक मूल अभ्यर्थी को रेलवे जांच टीम ने धर दबोचा। टीम की सतर्कता से पकड़े गए तीनों आरोपियों को जीआरपी के हवाले कर दिया गया है। वहां कार्रवाई जारी है।
बायोमेट्रिक जांच में पकड़ी गई गड़बड़ी:- बुधवार सुबह शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान रेलवे अधिकारियों की टीम को दो युवकों के फिंगरप्रिंट और फोटो में अंतर मिला। कड़ाई से पूछताछ करने पर फर्जीवाड़े की परतें खुलती चली गईं।
अधिकारियों में मचा हड़कंप, डीआरएम पहुंचे ग्राउंड:- परीक्षा के अंतिम दिन दोबारा फर्जीवाड़ा सामने आते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही डीआरएम अश्वनी कुमार सहित अन्य वरिष्ठ रेलवे अधिकारी तुरंत ग्राउंड पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पकड़े गए फर्जी परीक्षार्थियों और एक मूल अभ्यर्थी से मौके पर ही पूछताछ की। जिसके बाद तीनों को वैधानिक कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया।
तीन दिन पहले भी हुई थी गिरफ्तारी:- गौरतलब है कि तीन दिन पहले भी रेलवे ग्राउंड पर इसी तरह का एक फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था, जिसमें एक ‘मुन्नाभाई’ और एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। लगातार दो घटनाओं से यह साफ है कि रेलवे भर्ती में सेंध लगाने वाला कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। फिलहाल जीआरपी तीनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। जिससे इस नेटवर्क के अन्य गिरोहों और लेन-देन का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
– पहला मामला: अभ्यर्थी मनीष कुमार (निवासी- फिरोजाबाद, यूपी) को 1000 मीटर की दौड़ में हिस्सा लेना था। लेकिन उसकी जगह पंकज यादव (पिता- भूरेसिंह, निवासी- फिरोजाबाद) फर्जी अभ्यर्थी बनकर दौड़ने पहुंचा था।
– दूसरा मामला: अभ्यर्थी अनूप (20, पिता- राम किशोर दिवाकर, निवासी- सिरसागंज, फिरोजाबाद) की जगह गौरव (21, पिता- दिगंबर, निवासी- शिकोहाबाद, फिरोजाबाद) फर्जी तरीके से टेस्ट देने आया था।
