महिला विशेष सुरमई संगीत निशा….गुलाब चक्कर में गूंजेंगे, लता, आशा, अनुराधा, कविता व अलका के नए-पुराने नग़में
-रतलाम के इतिहास में पहली बार, मंच पर महिला कलाकार, आयोजन 14 सितम्बर को।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम के सांस्कृतिक इतिहास में पहली बार श्रोताओं को संगीत निशा के मंच से केवल महिलाओं की प्रस्तुति सुनने को मिलेगी। इसमें रतलाम की महिला कलाकारा हिंदी सिने जगत की पार्श्व गायिका लीजेंडरी पर्सन लता, आशा, कविता, अनुराधा तथा अलका के गाए गानों को अपनी आवाज़ व आंदाज में पेश करेगी।
दरअसल सिसोदिया सुर संगम के तत्वाधान में 14 सितंबर रविवार शाम 7 बजे से नव श्रृंगारित गुलाब चक्कर में संगीतमय आयोजन किया जाएगा। इसमें शहर की तकरीबन 18 से 20 प्रमुख कलाकारा शामिल रहेगी।
बता दें कि जिला प्रशासन की ओर शहर की प्रतिभाओं को उभारने गुलाब चक्कर में संगीत आयोजन के इंतजाम किए गए। इसके बाद पिछले तीन माह से गुलाब चक्कर में अलग-अलग ग्रुप व कलाकारों द्वारा रोज प्रस्तुतियां दी जा रही है।
सिसोदिया सुर संगम ग्रुप के संचालक विजेंद्र सिंह सिसोदिया का दावा है कि उनके ग्रुप द्वारा जो प्रस्तुतियां दी जाएगी, वह यादगार साबित होगी। यह कार्यक्रम सबसे पृथक इसलिए भी है कि यह पूरी तरह से महिलाओं पर केंद्रीत रहेगा।

सिसोदिया सुर संगम ग्रुप के इस आयोजन की प्रमुख सूत्रधार श्रीमती मनवीर सिसोदिया ने बताया कि 14 सितंबर को हिंदी दिवस है। साथ ही इस संगीत निशा की एक विशेष बात यह भी रहेगी कि इसमें आयोजन, संचालन, गीत-संगीत में सिर्फ महिला कलाकारों की ही भागीदारी रहेगी। 2 घंटे के इस कार्यक्रम में समस्त नए-पुराने गीत महिला सिंगर्स द्वारा ही प्रस्तुत किए जाएंगे।
श्रीमती सिसोदिया ने संगीत प्रेमी श्रोताओं से कार्यक्रम में उपस्थित होकर मातृशक्ति के मनोबल को बढ़ाने का आग्रह किया है।
