न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे टिकिट चेकिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाने को लेकर विवादों के गढ़ रहे रेलवे स्टेशन स्थित सीटीआई ऑफिस में इस बार नौबत मारपीट तक आ पहुंची। कुछ माह पूर्व नियुक्त हुए सीटीआई स्लीपर मोहन जोशी के साथ टीटीई विजेंद्र बैरवा द्वारा मारपीट की सूचना मिली है। मामला सीनियर डीसीएम तक पहुंचा। इसके बाद मामले में जांच व पूछताछ की गई। विवाद से संबंधित दो टीटीई को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक विवाद ट्रेन में ड्यूटी की स्वतः ही तालमेल कर लिए जाने को लेकर बताया जा रहा है।
यह वाकिया सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे का है। सूत्रों के मुताबिक बुकिंग के एडजस्टमेंट की बात को लेकर टीटीई बैरवा द्वारा सीटीआई स्लीपर जोशी के साथ मारपीट की गई है। विवाद दौरान मौके पर सीटीआई ऑफिस इंचार्ज डिसीटीआई शैलेंद्र मालवीय सहित अन्य टीटीई भी मौजूद थे। इनके द्वारा बीच-बचाव किया गया।
इधर, मारपीट के बाद सीटीआई स्लीपर जोशी पहले डिसीटीआई मालवीय के साथ डीआरएम ऑफिस पहुंचे। घटना की जानकारी डीआरएम ऑफिस में विभाग प्रमुख सीनियर डीसीएम को दी। इसके बाद जोशी मेडिकल कराने रेलवे अस्पताल पहुंचे।
हालांकि मामले की जीआरपी तक भी सूचना गई। लेकिन लिखित में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। जीआरपी थाना प्रभारी मोतीराम चौधरी का कहना है कि सीटीआई ऑफिस में विवाद की सूचना मिली है। शिकायत आने पर कार्रवाई करेंगे।
अहमदाबाद से आपसी तबादले पर आया बैरवा:- टीटीई बैरवा अहमदाबाद से आपसी तबादलें की प्रकिया के तहत स्थानांतरित होकर रतलाम आया है। बुकिंग में राहत देने को लेकर कुछ दिनों से मनमुटाव भी चल रहा था। अंततः मारपीट की नौबत आ गई।
यह बात रही विवाद की जड़:- विवाद की जड़ एक टीटीई की ट्रेन में ड्यूटी दूसरे टीटीई द्वारा बगैर सूचना स्वतः आपसी तालमेल से करने की बात सामने आई है। बताया जा रहा कि टीटीई रईसुद्दीन सिद्दीकी की ट्रेन में ड्यूटी थी। इसके स्थान पर टीटीई विजेंद्र वैरबा ने ड्यूटी कर ली। जबकि सिद्दीकी की घर बैठे ऑनड्यूटी दर्शाई गई। बगैर सूचना के एडजस्टमेंट करने संबंधी जानकारी सीटीआई ऑफिस तक पहुंची। तब स्पस्टीकरण के लिए टीटीई वैरबा को सीटीआई ऑफिस बुलाया गया। तभी मारपीट शुरू कर दी गई। घटना के बाद डीआरएम ऑफिस पहुंचे जोशी व मालवीय ने सीनियर डीसीएम को जानकारी दी। इस पर सीनियर डीसीएम द्वारा टीटीई बैरवा तथा सिद्दीकी को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में पीआरओ खेमराज मीणा का कहना है कि यह विभागीय मामला है।
