
-जप, तप और आराधना से वर्षावास को सार्थक बनाना है : पूज्या महासती डॉ संयमलता जी
– धर्मनगरी रतलाम के समाजो में वातावरण बहुत अच्छा : केबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। जैसे ही चल समारोह बीच राह पहुंचा। अचानक से तेज बूंदा बूंदी शुरू हो गई…..।महासती जी ने कहा पूज्यनीय गुरुदेव मुनीन्द्र जैन दिवाकर करो, आनन्द का जाप 09 बार करो, सब आनन्द होगा। जाप पूरे होते होते बारिश थम गई। आसमान बिल्कुल साफ हो गया।
यह नज़ारा दक्षिण चन्द्रिका महासती डॉ. संयमलता जी म.सा. के मंगलमय चातुर्मास प्रवेश के दौरान निकले चल समारोह में देखा गया।
महासती डॉ. संयमलता जी म.सा. ने बाद में सभा में कहा कि आराधनामय चातुर्मास 2025 को हम सब को मिलकर जप, तप ओर आराधना से मानना है। चातुर्मास के दौरान हमे समाज के प्रत्येक घर से तपस्या की लड़ी चाहिए। चातुर्मास के चार माह में समाज में नई जागृति आती हैं। समाज का युवा वर्ग इस धर्ममय जाग्रति से जुड़ कर अपना और समाज का कल्याण करता है।
धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए केबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि रतलाम एक धर्म नगरी हैं। यहां के समाजों में सामंजस्य का वातावरण बहुत अच्छा है। सभी एक दूसरे के कार्यक्रम मे सहभागिता करते है। यह सभी हमारे संस्कारो से होता है। चातुर्मास को लेकर श्रीसंघ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रहती। इसके बिना कोई चातुर्मास सफल नही होता है। संस्कार के साथ साथ धर्म के प्रति जाग्रति परिवार से ही आती है और हमें हमारे परिवार के प्रति समर्पित रहना चाहिए। जैन संत अपनी त्याग तपस्या से पहले स्वयं को तपाते है फिर समाज को त्याग तपस्या का धर्म संदेश देते है। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री काश्यप अपनी धर्मपत्नी के साथ धर्मसभा मे पधारकर महासतिवृंद के दर्शन लाभ लिए।

धर्म सभा को श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नीमचौक के अध्यक्ष अजय खमेसरा ने सम्बोधित करते कहा की इस आराधनामय चातुर्मास को हम सभी को मिलकर सफल बनाना है। जैन दिवाकर नवयुवक मंडल अध्यक्ष आशीष कटारिया ने पूज्य गुरुणी जी के जीवन का परिचय दिया। बहु मण्डल, बालिका मण्डल एवं आस्था बोथरा द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किये गए।
संघ रत्न महेन्द्र बोथरा ने कहा की पूज्य महासतिया जी त्याग तपस्या की वजह से आज यह जन सैलाब देखने को मिल रहा है। सम्पूर्ण कार्यक्रम आतिथ्य सत्कार एवं गौतम प्रसादी का लाभ भी बापूलाल महेंद्र कुमार बोथरा परिवार द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के पूर्व प्रवेश चल समारोह संघ रत्न इन्दरमल जैन वकील साहब के जैन कालोनी निवास स्थान से प्रारंभ हुआ। नगर के विभिन्न मार्गो से होता हुआ जेएमडी पैलेस धर्मसभा मे परिवर्तित हुआ। रास्ते में एक वक्त ऐसा आया जब अचानक से तेज बूंदा बूंदी शुरु हो गई, महासती जी ने कहा पूज्यनीय गुरुदेव मुनीन्द्र जैन दिवाकर करो, आनन्द का जाप 09 बार करो सब आनन्द होगा। वास्तव में 09 जाप पूरे होते होते बारिश थम गई। आसमान बिल्कुल साफ हो गया। यह आस्था का साक्षात चमत्कार सबने देखा और महसूस किया ।
चल समारोह मे जैन दिवाकर बहु मंडल, बालिका मंडल, बालक मंडल, नवयुवक मंडल ओर श्रीसंघ के साथ साथ उदयपुर, बोइसर, मुंबई, भिवंडी, पुणे, पालघर, बंगलोर, कोटा, भोपाल, जावरा आदि से आए सैकड़ो श्रद्धालु गणमान्य नागरिक भगवान महावीर, जैन दिवाकर जी ओर पूज्या महासतिया जी के जयकारे लगाते चल रहे थै ।
धर्मसभा को डॉ अमितप्रज्ञा जी, डॉ. कमलप्रज्ञा जी, पूज्य सौरभप्रज्ञा जी म सा ने “बारह महीनो मे यह चार महीने खास है, हम जैनों का यह प्यारा चातुर्मास है” जैसी गीतिका से सुमधुर आवाज से सभी का मनमोह लिया।
कार्यक्रम में बोइसर की मुमुक्षु बहन शीतल सोलंकी का संगीतमय सपरिवार के साथ प्रवेश हुआ, साथ ही मुमुक्षु बहन की दीक्षा की तिथि 22 फरवरी 2026 रविवार की घोषणा महासती डॉ संयमलता जी के मुखरबिंद से हुई ।
इस अवसर पर मुमुक्षु बहन शीतल सोलंकी ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा की आज मेरे रोम रोम मे उल्लास है, किन शब्दो से मैं अपने भावो को बया करूँ, आज परिवार के आशीर्वाद से यह दिन आया है ओर मुझे संयम पथ पर चलने की आज्ञा मिल गई ।
कार्यक्रम को अशोक बोहरा पनवेल, रमेश पूनमिया पालघर, ललित लोढ़ा उदयपुर, मुकेश सोलंकी बोइसर, कमलेश बोर दिया भिवंडी, राकेश जैन अंधेरी ने भी सम्बोधित किया । कार्यक्रम में दो नन्हे बच्चे लवित पालरेचा व निशिका पालरेचा ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी । कार्यक्रम मे विशेष रूप से श्रीसंघ महामंत्री विनोद कटारिया, कोषाध्यक्ष अमृत कटारिया, इन्दरमल जैन, महेन्द्र बोथरा, मणीलाल कटारिया, सुरेश कटारिया, ललित पटवा, विनोद बाफना, जयंतिलाल डागी, महेंद्र चानोदिया, राजकुमारी पोखरना, रीना गांधी, लक्ष्य कटारिया, सुहानी पटवा आदि समाजजन ओर आगंतुक अतिथि उपस्थित थे।
आभार सौरभ बोथरा ने माना। उक्त जानकारी श्रीसंघ मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना ने दी।
