Logo
ब्रेकिंग
रेल कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर WREU ने खोला मोर्चा, GM को सौंपा ज्ञापन रतलाम: डोसीगांव पीएम आवास मल्टी पर चला निगम का चाबुक; 208 फ्लैट खाली कराने की कार्रवाई, भारी पुलिस ब... रेल का खेल: ट्रैक प्रोटेक्शन वालों का बारिश में ऐसा प्रोटेक्शन...पहली बार में ही फटे ट्रैकमैन के रेन... रतलाम के पूर्व APO लबाना को राहत....विजिलेंस जांच के बाद गिरी गाज में GM ने मेजर पेनल्टी में दी राहत वीसाजी मेंशन बना जंतर मंतर....परीक्षा और 21 सूत्रीय मांगों को लेकर रतलाम में छात्रों का उग्र प्रदर्श... जीएम साहब, प्लीज आपसे निवेदन है....इंदौर रेलवे छात्रावास को बंद करने की कार्रवाई को निरस्त किया जाए रतलाम में श्रद्धा का महाकुंभ : 7 अगस्त को निकलेगी भव्य 'निष्ठा कावड़ यात्रा-2026', 10 को होगा बाबा म... गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज में 'जेन-ज़ी क्रांति'' : जयपुर की आम सभा में लामबंद हुआ समाज, राष्ट्रीय अध... रतलाम मंडल में ‘स्टोर्स एंड वेंडर मीट–2026’ का आयोजन, लगभग 120 विक्रेताओं ने लिया भाग 36 साल चुनौतियों के सिर चढ़कर बोली दिव्यांगता....अक्षमता को मात दे रेल सेवा करते रहे मुकेश तिवारी, रे...

रेल कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर WREU ने खोला मोर्चा, GM को सौंपा ज्ञापन

न्यूज जंक्शन-18

रतलाम। वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन (WREU) मंडल रतलाम ने रेलवे कर्मचारियों की गंभीर समस्याओं, ट्रैक सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर रेल प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी है। यूनियन के उज्जैन शाखा सचिव अर्पित जैन द्वारा महाप्रबंधक (GM) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की समस्याओं के जल्द निस्तारण की मांग की है।

यूनियन द्वारा ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख बिंदु:

पॉइंट्समैन कर्मचारियों के लिए शेड और 8 घंटे की ड्यूटी
ऑल राइट शेड का निर्माण:<span;> ऑल राइट सिग्नल देने वाले पॉइंट्समैन कर्मचारियों के लिए स्टेशन के समक्ष निर्धारित स्थान पर शेड के निर्माण की मांग की गई है। यूनियन का कहना है कि बारिश, तेज धूप और आंधी-तूफान में बिना शेड के काम करने से सुरक्षा जोखिम बढ़ता है।
ड्यूटी रोस्टर में बदलाव: रोड साइड स्टेशनों पर पॉइंट्समैन 12 घंटे के रोस्टर में काम कर रहे हैं, जिसे घटाकर 8 घंटे (EI से C श्रेणी) करने की मांग की गई है। मंडल में पॉइंट्समैन के 1065 कैडर में से लगभग 283 पद (26%) खाली पड़े हैं, जिन्हें तुरंत भरने का आग्रह किया गया है।

​- ट्रैक मेंटेनरों की सुरक्षा और 12 किमी की पेट्रोलिंग बीट

पेट्रोलिंग बीट सीमित हो: ट्रैक मेंटेनरों की पेट्रोलिंग बीट को अधिकतम 12 किलोमीटर तक सीमित करने की मांग की गई है। लंबी बीट से शारीरिक थकान होती है, जिससे ट्रैक की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

ट्रैकमेन हेतु शेड/विश्राम स्थल: सेक्शंस में दूर-दराज तक काम करने वाले ट्रैकमेन के लिए रेस्ट शेल्डर (शेड) की व्यवस्था की जाए ताकि वे प्रतिकूल मौसम (गर्मी, ठंड, बारिश) में सुरक्षित स्थान पर भोजन व विश्राम कर सकें।
रिक्त पद भरें: ट्रैकमेन कैटेगरी में खाली पड़े पदों को शीघ्र भरने की मांग की गई है ताकि कार्यभार कम हो सके।

​- जर्जर रनिंग रूम (बकानी भंवरी) और सुविधाएं
• ​बकानी भंवरी में स्थित रनिंग रूम को रेलवे बोर्ड के मानकों के विपरीत और जर्जर बताया गया है, जहाँ विषैले जीव-जंतु (सांप-बिच्छू) घूमते रहते हैं।
• ​रनिंग रूम में 24×7 सुरक्षा, सीसीटीवी, साउंड प्रूफिंग और आपातकालीन चिकित्सा जैसी सुविधाएं न होने और आग लगने पर दमकल गाड़ी न पहुँच पाने जैसी स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है।

​- ट्रेनों के संचालन में पक्षपात का आरोप
• ​वडोदरा और रतलाम के बीच चलने वाली नई TOD गाड़ियों में 90% वर्किंग वडोदरा मंडल को दिए जाने का विरोध किया गया है। यूनियन ने रतलाम मंडल के कर्मचारियों के साथ न्यायोचित वितरण की मांग की है।

अवैध रेस्ट और लीव: 3 नाइट ड्यूटी के बाद उपलब्ध रनिंग कर्मचारियों (लोको पायलट/सहायक लोको पायलट) को नियमानुसार ‘Waiting for Duty’ में रखने के बजाय प्रशासन द्वारा जबरन अनधिकृत रेस्ट या लीव दर्ज कर दिया जाता है।

मौखिक आदेशों का विरोध: सीनियर डीईई/टीआरओ द्वारा मौखिक आदेशों के तहत विश्राम/रेस्ट थोपा जा रहा है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि मौखिक आदेश संसद द्वारा पारित ‘रेल अधिनियम 1989’ के तहत लागू HOER नियमों को निरस्त नहीं कर सकते।

– TOD गाड़ियों के आवंटन में रतलाम मंडल से भेदभाव
• ​वडोदरा और रतलाम के बीच चलने वाली नई एवं नियमित TOD गाड़ियों में से 90% वर्किंग वडोदरा मंडल को दी जा रही है। रतलाम मंडल की सीमा अधिक होने के बावजूद किए जा रहे इस सौतेले व्यवहार का यूनियन ने कड़ा विरोध किया है और न्यायोचित वितरण की मांग की है।

यूनियन की चेतावनी:
WREU के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि रेल प्रशासन ने कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया और नियमों का उल्लंघन जारी रखा, तो यूनियन उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.