
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। अटूट धार्मिक आस्था के साथ पहले जत्थे में शामिल रतलाम के यात्रियों ने गुरुवार को बाबा अमरनाथ के दर्शन किए। भरपूर रोमांच से भरी बाबा अमरनाथ की कठिन लेकिन आनंददायी यात्रा शुरू हो चुकी है। रतलाम से पहले जत्थे में 14 सदस्यीय महिला-पुरूष का दल शामिल हुआ।
हालांकि भौगोलिक सतर्कता को देखते इस साल भी केंद्र सरकार, स्थानीय प्रशासन व बाबा अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इंतजामों के साथ सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए। लेकिन रजिस्ट्रेशन कार्ड बनवाने में यात्रियों को घंटों खासी मशक्कत करना पड़ रही है। इन सब के बीच श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं आई। ऊंची चढ़ाई में थकने का नाम नहीं लिया। कई यात्रियों ने पैदल यात्रा शुरू की। जबकि अधिकांश यात्री खच्चरों पर सवार होकर बाबा की पवित्र गुफा तक पहुंचे। राह में सभी जय भोले का जयकारा लगाते रहे।
रतलाम से यात्रियों का जत्था 1 जुलाई 2025 को निकला था। इसमें रेलवे में कार्यरत ट्रेन मैनेजर सुनिल जैन, अभिषेक शर्मा, नितिन शर्मा, चन्द्र प्रकाश शर्मा, दीपेश चन्द्रावत, मुख्य लोबी पर्यवेक्षक मुकेश मालवीय, जीतेन्द्र अग्रवाल, मनोज फड़के, आयुश शर्मा, अथर्व शर्मा, चित्रा मालवीय, हिमांशी मालवीय, देवान्शी मालवीय, कपिश मालवीय शामिल थे।
यात्री नितिन शर्मा ने बताया कि वे
2 जुलाई की शाम 6 बजे बालटाल पहुंच गए थे। सुबह 4 बजे बालटाल से चढ़ाई शुरू की। गुफा तक पहुंचने पर भीड़ का सामना करना पड़ा। लेकिन आखिरकार दोपहर 12 बजे दर्शनलाभ मिल गए। इस दिन लगभग 30 हजार लोगों ने दर्शन किए।
उन्हें इस बार थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा। आरएफडी कार्ड बनवाने में हमें लगभग 8 घंटे व्यतीत हो गए। लेकिन बाद में यात्रा के आनंद में सभी परेशानी भूल बैठे।
यादगार रही यात्रा:- यात्रियों के मुताबिक चढ़ाई के दौरान कल-कल करती बहती धाराएं, हरियाली से आच्छादित ऊंचे पहाड़ व इनके बीच मंडराते बादल। इन प्राकृतिक नजारों को निहारने से थकान भी दूर होती रही।
