ये आर्थिक झटका कैसे सहन करे….सीएलआई को रिटायरमेंट में 47 लाख मिलेंगे, 52 लाख की रिकवरी, उल्टे 9 लाख जमा करना होंगे

-सही वेतन निर्धारण को गलत मानकर रिकवरी पर आमादा मनमाना रेलवे सिस्टम।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे में रिटायर्ड हो रहे सीएलआई की सुखद बिदाई के पल भारी आर्थिक तनाव व मानसिक संत्रास में तब्दील होने वाले है। इसकी वजह रेल प्रशासन की वेतन निर्धारण को गलत मानना है। एक दिन बाद रिटायर्ड हो रहे कर्मचारी को ग्रेच्युटी सहित लगभग 47 लाख रुपए मिलना है। आरोप है कि कर्मचारी की सेवाकाल में सही वेतन निर्धारण को गलत माना जा रहा है। इसलिए कर्मचारी की 52 लाख रुपए की रिकवरी निकाल दी गई। इसे लेकर नोटिस जारी किया गया तो कर्मचारी के होश उड़ गए। क्योंकि रिकवरी होने पर कर्मचारी को उल्टे आठ लाख रुपए से भी अधिक की राशि रेलवे को जमा करानी होगी। ऐसा वाकिया एक नहीं, बल्कि एक ही बेच के 9 कर्मचारियों के साथ होना है। वे रिटायर्ड होंगे, तब उन्हें मिलने वाली रकम से रिकवरी की कर्टर चलाकर कर्मचारियों की उम्मीदभरी भावनाओं का कत्ल कर दिया जाएगा।
पहला व ताजा मामला सीएलआई शरद गौतम का है। इसी माह यानी 31 मई 2025 को इनका रिटायर्डमेंट है। रेल प्रशासन की ओर से सहायक कार्मिक अधिकारी द्वारा इन्हें 26 मई 2025 को 52 लाख रुपए जमा करने संबंधित नोटिस भेजा गया है। इसमें कहा है कि आपकी ग्रेच्यूटी एवं लीव अमाउंट टोटल 25 लाख सहित 1458549 रुपए बन रही है। इसमें 52 लाख रुपए के कटौत्रा पश्चात 887392 रुपए शेष है। इसे आप यथाशीघ्र जमा कराए। इससे कि सेवानिवृत्ति संबंधी प्रकरण पर अग्रिम कार्यवाही की जा सके। लेटर पाते ही कर्मचारी के होश उड़ गए।

इधर, क्रमवार रिटाडर्ट होने वाले सभी 9 सीएलआई का कहना है कि वर्ष 2018 तक उनका सेवा रिकार्ड का मामला सही चल रहा था। नवंबर 2023 में प्रकरण को वेतन निर्धारण रिवर्स कर दिया गया। जबकि रेलवे बोर्ड द्वारा इस मामले को सहीं माना है। बावजूद टेबलों पर बैठे कारंदे मनमानी पर आमादा है। वे रिटायर हो रहे कर्मचारियों तथा उनके परिजनों की नींदे छीन रहे हैं।
