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महाराजा रतनसिंह एक दूरदर्शी और वीर योद्धा, संपूर्ण राजमहल सौंदर्यीकरण के प्रयास होंगे

-महाराजा रतनसिंह का बलिदान दिवस गरिमामय रूप में आयोजित।

न्यूज़ जंक्शन-18

रतलाम। रतलाम राज्य के संस्थापक महाराजा श्री रतनसिंह का 367वां बलिदान दिवस 15 अप्रैल को स्थानीय नगर निगम तिराहे पर स्थित महाराजा रतनसिंहजी स्मारक स्थल पर गरिमामय रुप में आयोजित हुआ।  मुख्य अतिथि महापौर प्रहलाद पटेल, विशेष अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, पूर्व महापौर पारस सकलेचा, निगम में उप नेता प्रतिपक्ष कमरूदीन कछावा, सैलाना युवराज दिव्यराज सिंह, शिवगढ़ ठाकुर मानवेन्द्र सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रतलाम राजवंश से संबंधित ठिकाने सरवन ठिकाने के ठाकुर यादवेन्द्र सिंह ने की।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने महाराजा रतनसिंहजी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण किया। रतलाम राजवंश सदस्य कुँ. दिग्विजयसिंह राठौर व महाराज अमरसिंह सैलाना ने महाराजा को साफा बांधा एवं तिलक लगाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इसके बाद समिति संरक्षक ठाकुर धीरेन्द्रसिंह सरवन ने अतिथि परिचय करवाया। समिति के अध्यक्ष कुं. शक्ति सिंह सरवन (पार्षद) ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों का केसरिया दुपट्टे एवं पुष्प मालाओं से स्वागत किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महापौर प्रहलाद पटेल ने महाराजा रतनसिंह को एक दूरदर्शी और वीर योद्धा बताया। साथ ही महापौर ने रणजीत विलास पैलेस के मुख्य द्वार के सौंदर्याकरण की तर्ज पर संपूर्ण राजमहल के सौंदर्यीकरण की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि यह समिति जिस प्रकार कार्य कर रही है उनसे  सदस्यों से आव्हान है कि इस प्रकार की एक समिति बनाकर संपूर्ण पैलेस का जीर्णोद्धार जनसहयोग, शासन का सहयोग लेकर किया जाए। निगम की तरफ से हर संभव मदद का आश्वाशन समिति को दिया।

विशेष अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने धरमत के मैदान में महाराजा रतनसिंह के शौर्यपूर्ण, वीरता की बात कही।, साथ ही कहा कि सर्वसमाज को आपस में मिलकर बड़े स्तर पर महाराजा रतनसिंह का बलिदान दिवस मनाना चाहिए।

पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने कहा कि हमें युवा पीढ़ी को महाराजा रतनसिंह के बलिदान से परिचित करवाना होगा। इतिहास लेखकों को कहा कि आप रतलाम व देश के लिए वीरगति को प्राप्त होने वाले रणबाकुरों पर एक किताब लिखे। जिससे आने वाली पीढ़ी पढ़े और उनमें आत्म गौरव का भाव जागृत हो सके ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता रतलाम राजवंश से संबंधित ठिकाने सरवन ठिकाने के ठाकुर यादवेन्द्र सिंह ने धरमत के मैदान में महाराजा रतनसिंह के शौर्यपूर्ण, वीरता भरे युद्ध का वर्णन करते हुए उन्हें महान योद्धा बताया।

इस अवसर पर महाराजा रतनसिंह बलिदान दिवस समिति ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए।

साथ ही समाज के रतलाम को गौरवान्वित करने वाले ठा. नारायणसिंह चिकलाना, ठा. नरेन्द्रसिंह गढ़ीभेसोला, ठा. गजराजसिंह राठौर (कवि धमचक मूलथानी), कुं. नृपेन्द्र प्रताप सिंह देव (चौहान) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग रतलाम का शाल एवं रतलाम पैलेस द्वार का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर समिति सदस्य ठा. शैलेंद्रसिंह अठाना, कुँ. गजेन्द्रसिंह चौहान बमल, कुँ. वीरेन्द्रसिंह मेजा, कु. भवानीप्रताप सिंह सरवन, म.कुँ. शक्तिसिंह बड़छापरा, कुँ. यशवर्धन सिंह कुशवाह ठा. भानुप्रतापसिंह मलवासा (पूर्व मंडी उपाध्यक्ष रतलाम), कुं. जितेन्द्रसिंह सरवन (वंश मोटर्स), कुं. कुशपालसिंह पंचेड, कुँ. अजयपाल सिंह मसवाड़िया, मा.सा. धर्मेन्द्रसिंह बड़छापरा, श्रीमति तृप्तिकुमारी पंचेड़, कुँ. रविराजसिंह सरवन, कुँ. पृथ्वीपालसिंह पंचेड़ एवं आसपास के ठिकानों के राजपूत सरदार एवं शहर के नागरिकों ने बड़ी संख्यां में उपस्थित होकर अपने प्रिय महाराजा को स्मरण करते हुए कृतज्ञता स्वरुप पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन ठाकुर धीरेन्द्रसिंह सरवन ने किया। आभार कुँ. दीपेन्द्रसिंह भैंसाडाबर ने व्यक्त किया।

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